मुंबई: आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री व तेलुगू देशम पार्टी (तेदेपा) के सुप्रीमो नारा चंद्रबाबू नायडू की शिवसेना ने खिल्ली उड़ाई है। शिवसेना के मुखपत्र सामना में छपे संपादकीय में चंद्रबाबू पर करारा तंज कसा गया है।

सामना में संपादकीय के मुताबिक विपक्षी एकता को लेकर चंद्रबाबू की बैठकें वास्तव में 'एक मनोरंजक खबर' है। शिवसेना के मुताबिक केंद्र में एनडीए की सरकार बननी तय है। जिसमें इस बार नारा चंद्रबाबू नायडू की भूमिका नगण्य होगी। एक्जिट पोल के नतीजों में भी साफ दिखता है कि चंद्रबाबू को इस बार भारी नुकसान उठाना पड़ेगा। उनकी पार्टी के 2-3 सांसद भी आ गए तो काफी है। जबकि चंद्रबाबू को राज्य की भी सत्ता गंवानी पड़ रही है। चंद्रबाबू नायडू को इस बार वाईएसआरसीपी से कड़ी टक्कर मिल रही है।

बीस से अधिक सांसदों के साथ इस बार YSRCP की केंद्र में प्रभावी भूमिका होगी। अगर देखें तो YSRCP मुखिया वाई एस जगन मोहन रेड्डी जीत की मुकम्मल उम्मीद के बावजूद गंभीरता बनाए हुए हैं। YSRCP ने साफ कहा कि जो भी पार्टी आंध्र प्रदेश को विशेष राज्य का दर्जा देगी। उसी पार्टी को YSRCP का समर्थन हासिल होगा।

सामना में लिखे संपादकीय के मुताबिक चंद्रबाबू की विपक्षी एका की कोशिश वास्तव में श्‍मशान की राख एक करने का प्रयास भर है। शिवसेना को इस बात का संदेह है कि पूरा विपक्ष कभी एक मंच पर आ सकेगा। लिहाजा संपादकीय में चुनौती भरे लहजे में 23 मई को रिजल्ट आने का इंतजार करने की नसीहद दी गई है।

विपक्ष में पीएम के कई दावेदार

'सामना' में छपे संपादकीय के मुताबिक विपक्ष में प्रधानमंत्री बनने के लिए कई लोग लालायित हैं। विपक्षी पार्टियों ने सिर्फ मोदी विरोध पर चुनाव लड़ा। जबकि जनता को रिझाने के लिए उनकी तरकस में कोई तीर नहीं बचा था।

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शिवसेना ने पहले ही उम्मीद जताई है कि एनडीए इस बार 300 से अधिक सीटें हासिल करेगा। जिसकी तस्दीक एक्जिट पोल के नतीजे भी करते हैं।

सामना ने विपक्ष के कथित सेक्यूलरवाद और मोदी के हिंदुवाद की लड़ाई पर भी टिप्पणी की है। छपे लेख में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की केदारनाथ यात्रा का समर्थन किया गया है।

बता दें कि विपक्षी एकजुटता के नाम पर चंद्रबाबू नायडू ने आखिरी चरण के मतदान के दिन भी कई नेताओं से मुलाकात की थी। उन्होंने यूपीए चेयरपर्सन सोनिया गांधी, राहुल गांधी, एनसीपी नेता शरद पवार से भी भेंट की थी। हालांकि पवार ने बाबू को दो टूक लहजे में समझा दिया था कि इस तरह की किसी कवायद के लिए 23 मई का इंतजार करना बेहतर है।