हैदराबाद : ये बात सभी जानते हैं कि टीडीपी प्रमुख नारा चंद्रबाबू नायडू गिरगिट की तरह समय-समय पर रंग बदलते हुए अपने राजनीतिक विरोधियों की आलोचना करते दिखते हैं। किसी भी चीज को अपने अनुकूल बदलने के साथ दोहरा चरित्र वाले नेता हैं बाबू। 19 मई की शाम जारी एग्जिट पोल्स के बाद से चंद्रबाबू का दोहरा चरित्र एक बार फिर सामने आया है।

एग्जिट पोल्स में वाईएस जगन मोहन रेड्डी के नेतृत्व वाली वाईएसआर कांग्रेस पार्टी के सत्ता में आने के बाद चंद्रबाबू सत्ता से दूर होने की सच्चाई को हजम नहीं कर पा रहे हैं। यही नहीं, 100 प्रतिशत सत्ता में लौटने का दावा कर रहे हैं। एक वक्त एग्जिट पोल्स का समर्थन कर चुके चंद्रबाबू इस बार उन्हें गलत बताकर लोगों को गुमराह करने का प्रयास कर रहे हैं।

2014..कांग्रेस.. क्विट इंडिया !

'देश के लोगों का मूड को एग्जिट पोल्स प्रतिबिंबित करते हैं। कांग्रेस पार्टी को भारत द्वारा दिए जाने वाला मैसेज...क्विट इंडिया !'' कहते हुए गत आम चुनाव खत्म होते ही काफी उत्साह और जोश के साथ एग्जिट पोल जारी होने के तुरंत बाद चंद्रबाबू मानों झूम उठे थे।

वह गुजरात के पूर्व मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी की हवा से देश में भारतीय जनता पार्टी के जीतने का वक्त था और इसिलिए खुद को राजनीतिक चाणक्या बताने वाले चंद्रबाबू ने अपने स्वार्थ के लिए भाजपा के साथ गठबंधन किया। जो सोचा था वही हुआ और राजग के सत्ता में आने से केंद्र सरकार में टीडीपी को दो केंद्रीय मंत्री पद भी मिले।

इससे उन्हें राजनीतिक भीख देने वाली और सोनिया गांधी के नेतृत्व वाली कांग्रेस पार्टी को देश के लोगों ने नकार दिया है यह कहते हुए छोटे बच्चों की तरह खुशी मनायी। राज्य में मामूली बहुमत के साथ पार्टी उम्मीदवारों के जीतने से उन्होंने मुख्यमंत्री के रूप में शपथ ली।

इसके बावजूद सत्ता की भूख नहीं मिटने और मेले में पशुओं की खरीदी की तरह मुख्य विपक्षी दल वाईएसआर कांग्रेस पार्टी के विधायकों को पार्टी में शामिल करवा कर संविधान का अपमान किया। अपने नेता के नेतृत्व में टीडीपी नेता पिछले पांच वर्षों तक न केवल गुंडागर्दी करते रहे, बल्कि भ्रष्टाचार करते रहे। इससे 2019 के चुनाव में पूरा सीन रिवर्स हो गया। सभी एग्जिट पोल्स बता रहे हैं कि इस बार टीडीपी का सत्ता से बेदखल तय है।

एग्जिट पोल्स वास्तविकता से परे...!

चार साल तक भाजपा के साथ दोस्ती कर उससे नाता तोड़ चुके चंद्रबाबू एग्जिट पोल्स के नतीजों को हजम नहीं कर पा रहे हैं। इसीलिए कांग्रेस के साथ मिलकर गैर भाजपा सरकार स्थापित करने को लेकर बयानबाजी कर रहे हैं।

2014 के चुनाव में एग्जिट पोल्स रिजल्ट्स पर विश्वसनीयता जता चुके चंद्रबाबू का कहना है कि जनता का नब्ज जानने में टाइम एग्जिट पोल्स फिर से विफल होने की बात कर रहे हैं। एग्जिट पोल्स पूरी तरह गलत होने की बात साबित हुई है। वास्तव में क्षेत्रीय स्तर की मौजूद परिस्थितियों व वास्तविकताओं से ये एग्जिट पोल्स के रिजल्ट दूर है।

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आंध्र प्रदेश में टीडीपी की सरकार बनेगी और इस मामले में कोई संदेह नहीं है। उसी तरह, केंद्र में भाजपा विरोधी पार्टियों के मिलकर गैर राजग सरकार स्थापित करने का पूरा विश्वास व्यक्त करते हुए ट्वीट कर एक बार फिर से दोहरी चाल को दोहराया है।

इससे पता चलता है कि परिणाम अगर अनुकूल रहेगा तो उसे स्वीकार करेंगे और खिलाफ रहेंगे तो ईवीएम में खराबी, एग्जिट पोल्स में खामी और अंत में चुनाव आयोग के ठीक काम नहीं करने का बीत कह रहे हैं, लेकिन इसको लेकर हैरान होने की जरूरत नहीं है, क्योंकि ऐसा कहना उनकी आदत है।