अमरावती : आंध्र प्रदेश में उम्मीदवारों और उनके समर्थकों का एक पल-एक साल जैसा बित रहा है। चुनावी नतीजे के लिए 40 दिन तक का इंतजार करने के कारण उम्मीदवार ही नहीं उनके समर्थक भी ना ठीक से खा पा रहे हैं और ना ही सो पा रहे हैं।

गौरतलब है कि आंध्र प्रदेश में आम चुनाव पहले चरण में हुए, जबकि देशभर में सात चरणों में वोटिंग हुई। इसके चलते उम्मीदवारों को काफी लंबे समय तक नजीते के लिए इंतजार करना पड़ा। मतगणना के लिए दो दिन का और समय है। इसके चलते उम्मीदवार में और तनाव बढ़ता जा रहा है।

उम्मीदवारों की रात की नींद हराम हो गई है, क्योंकि अभी तक एग्जिट पोल पर निर्वाचन आयोग ने प्रतिबंध लगाया हुआ था। इसके चलते उम्मीदवारों में चुनावी नतीजों को लेकर और टेंशन बढ़ गया। फिर भी पार्टी के कार्यकर्ता अपने अपने नेताओं को वोटों को हिसाब किताब बताकर हिम्मत बांधते रहे। यह भी उम्मीदवारों एक और टेंशन का कारण बना।

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अब कल एग्जिट पोल के रुझान को देखकर टीडीपी के नेता हार जाने का मन बना लिया है। फिर भी आस नहीं छोड़े हैं। वे किस बूथ में कितने वोट गिरे पार्टी के नेता और समर्थकों से फोन करके समाचार एकट्ठा कर रहे हैं। अर्थात घर-घर का सर्वे कर रहे है। दिन में तीन-तीन बार नेता अपने कार्यकर्ताओें को फोन कर रहे है। इस प्रकार नेताओं की रात की नींद और दिन की बेचैनी बढ़ती जा रही है।