तिरुपति : किसी तरह जीत हासिल करने के उद्देश्य से टीडीपी नेताओं ने लोकतंत्र की अवहेलना की। बीते महीने में संपन्न हुए आंध्र प्रदेश विधानसभा व लोकसभा मतदान के दौरान टीडीपी नेताओं ने चंद्रगिरी के 5 मतदान केंद्रों के निकट दंबगई की। हार के डर से टीडीपी के नेता व कार्यकर्ताओं ने 7 ग्रामों के दलितों को मताधिकार का उपयोग नहीं करने दिया। उन्हें मतदान करने से रोकते हुए उनपर हमला किया।

चंद्रगिरी निर्वाचन क्षेत्र में हुई रिग्गिंग और तेदेपाइयों की दबंगई का संज्ञान लेते हुए केंद्रीय चुनाव आयोग ने चंद्रगिरी निर्वाचन क्षेत्र के 5 मतदान केंद्रों पर पुनर्मतदान का निर्णय लेते हुए आदेश जारी किया। आरोप लगाया गया कि मुख्यमंत्री चंद्रबाबू ने लोकतंत्र की अवहेलना की है। क्षेत्र में पुनर्मतदान के केंद्रीय निर्वाचन आयोग के आदेश को टीडीपी नेता हजम नहीं कर पा रहे हैं। गुरुवार को एक बार फिर YSR कांग्रेस पार्टी के समर्थकों पर हमला कर उनमें दहशत पैदा कर रहे हैं। गांव में विधायक चेव्वी रेड्डी नहीं आ सके, इसलिए उन्हें रोकने का प्रयास किया गया।

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दलितों के मताधिकार का हनन हुआ है : चेविरेड्डी

टीडीपी की दबंगई चरम सीमा की ओर बढ़ रही है। पुनर्मतदान के लिए दलितों को जिम्मेदार ठहराते हुए एनआर कम्मापल्ली में तीन दलितों पर टीडीपी नेताओं ने हमला किया। जानकारी मिलने पर विधायक चेवी रेड्डी भास्कर रेड्डी ने गुरुवार की शाम पीड़ितों से मिलने गांव पहुंचे। इसकी जानकारी मिलते ही टीडीपी के विधायक पद के प्रत्याशी पुलिपर्ती नानी और स्थानीय नेताओं ने उन्हें रोकने का प्रयास किया।