अमरावती : आंध्र प्रदेश के मुख्य चुनाव अधिकारी ने कहा है कि विभिन्न सरकारी विभागों के साथ मुख्यमंत्री नारा चंद्रबाबू नायडू की समीक्षा बैठक के खिलाफ वाईएसआर कांग्रेस पार्टी ने चुनाव आयोग से शिकायत की है। इसी के तहत चुनाव आयोग ने प्रजा वेदिका में चंद्रबाबू द्वारा समीक्षा बैठक आयोजित किए जाने पर वाईएसआरसीपी ने आपत्ति व्यक्त की है। मुख्य चुनाव अधिकारी गोपालकृष्ण द्विवेदी ने बताया कि इन पूरे घटनाक्रमों पर राज्य सरकार के मुख्य सचिव से रिपोर्ट मांगी जाएगी।

द्विवेदी ने गुरुवार को यहां पत्रकारों से बातचीत में कहा कि चुनाव आयोजन को लेकर कुछ शिकायतें मिली है और उनपर सभी जिलों के जिलाधीशों से रिपोर्ट मांगी गई है। उन्होंने स्पष्ट किया कि चुनावी ड्यूटी में किसी भी तरह की गलती करने वालों के खिलाफ जरूर कार्रवाई होगी।

चुनाव आयोजन पर 600 करोड़ रुपए खर्च

मुख्य चुनाव अधिकारी ने बताया कि चुनाव आयोजन में जिलों के अधिकारियों ने कड़ी मेहनत की है। राज्य में चुनाव आयोजन के लिए लगभग 600 करोड़ रुपये खर्च हुए हैं। इसी के तहत राज्य सरकार ने 300 करोड़ और केंद्र सरकार ने 300 करोड़ रुपये खर्च किए हैं। इसमें पुलिसकर्मियों के लिए 180 करोड़ रुपए खर्च हुए हैं। इसी क्रम में चुनाव अधिकारियों के मेहनताना विवाद को सुलझाने के लिए जिला कलेक्टरों को निर्देश दिए गए हैं। चुनाव आयोग के गाइड लाइन्स के मुताबिक कर्मचारियों को भुगतान करना होता है।

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द्विवेदी ने बताया कि मतदान खत्म हुआ है, लेकिन 27 मई तक राज्य में चुनाव आचार संहिता लागू रहेगी और तब तक चाहे मुख्यमंत्री हो या फिर कोई अन्य मंत्री, उन्हें किसी तरह की आधिकारिक समीक्षा बैठकों का आयोजन नहीं करना चाहिए।

उन्होंने बताया कि केवल प्राकृतिक आपदा के दौरान या फिर कानून-व्यवस्था को नुकसान पहुंचने जैसी आपातकालीन स्थिति में ही मुख्यमंत्री व्यक्तिगत पर्यवेक्षण और समीक्षा कर सकते है और अन्य किसी भी तरह की समीक्षा के लिए उन्हें अनुमति नहीं होती।

परंतु मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू बुधवार को आचार संहिता को ताक पर रखते हुए पोलवरम परियोजना पर प्रजा वेदिका से समीक्षा बैठक आयोजित करने के अलावा सचिवालय पहुंचे और मुख्यमंत्री की कुर्सी पर बैठकर सीआरडीए कार्यों की समीक्षा कर सभी को हैरान कर दिया।