अमरावती : तेलुगु देशम पार्टी के सुप्रीमो नारा चंद्रबाबू नायडू ने 8 जून 2019 तक राज्य के मुख्यमंत्री बने रहने का दावा किया है। गौरतलब है कि चंद्रबाबू ने 8 जून 2014 को आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री पद की शपथ ली थी और उनकी सरकार 8 जून 2019 तक चलेगी। अमेरिका में चुनाव के बाद 8 सप्ताह तक पुरानी सरकार बरकरार रहने का हवाला देते हुए चंद्रबाबू ने कहा कि उनकी सरकार तब तक चलेगी जब तक नई सरकार नहीं बन जाती।

उंडवल्ली में बुधवार को प्रजा वेदिका पर टीडीपी सुप्रीमो मीडिया को संबोधित कर रहे थे। राजनीतिक जानकारों का कहना है कि हार के डर से चंद्रबाबू नायडू और कुछ समय के लिए सत्ता में बने रहना चाहते हैं, जोकि परंपरा के बिलकुल खिलाफ है। चंद्रबाबू इस बात को लेकर आश्चर्यचकित है कि उन्हें समीक्षा बैठकों के आयोजन से कैसे रोका गया है। उनका कहना है कि सरकार नीतिगत फैसलों के अलावा अन्य काम भी जारी रख सकती है।

टीडीपी सुप्रीमो ने मीडिया से पूछा कि आखिर चुनाव का सरकार से क्या लेना-देना। उन्होंने यह भी कहा कि चुनाव आयोग का काम केवल चुनाव कराना है, लेकिन प्रशासन चलाना नहीं। राजनीतिक विश्लेषकों की मानें तो चुनाव आयोग के फैसलों पर बार-बार सवाल उठाना और उनकी टिप्पणियों से लगता है कि चंद्रबाबू का फ्रष्ट्रेशन बढ़ गया है।

मुख्य चुनाव अधिकारी गोपालकृष्ण द्विवेदी ने बताया कि 0.03 फीसदी ईवीएम में गड़बड़ी पाई गई, लेकिन समय पर उन्हें बदला गया या उनकी मरम्मत कर सभी मतदान केंद्रों में शांतिपूर्वक वोटिंग करवाई गई है। इसके बावजूद चंद्रबाबू नायडू ईवीएम में गड़बड़ी का हवाला देकर चुनाव आयोग पर निशाना साध रहे हैं।

चंद्रबाबू नायडू ने वीवीपैट स्लिप्स की गिनती के मुद्दे पर भी मीडिया और खुफिया विभाग की प्रतिक्रिया जानने की कोशिश की। इसके अलावा चंद्रबाबू पूर्व सांसद व मंत्री वाईएस विवेकानंद रेड्डी की हत्या को लेकर वाईएसआर कांग्रेस पार्टी के अध्यक्ष वाईएस जगन मोहन रेड्डी पर गंभीर आरोप लगाया और कहा कि मामले की जांच जारी थी कि वाईएसआरसीपी प्रमुख ने जिला पुलिस अधीक्षक का तबादला करवा दिया।

चंद्रबाबू ने यह भी दावा किया कि वह उनके सहयोगी के लिए देश के किसी भी क्षेत्र में प्रचार करने जाते हैं तो वहां छापे मारे जा रहे हैं। उन्होंने बताया कि जब वे तमिलनाडु और कर्नाटक में चुनाव प्रचार करने गए थे, तब वहां के नेताओं के ठिकानों पर आईटी विभाग के छापे मारे गए।

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चंद्रबाबू नायडू ने सेवा निवृत्त आईएएस अधिकारियों का राज्यपाल से भेंट कर उनके खिलाफ शिकायत किए जाने को लेकर कड़ा असंतोष व्यक्त किया। उन्होंने पूछा कि ये आईपीएस अधिकारी तब क्यों चुप रहे जब राज्य में तीन आईपीएस और मुख्य सचिव का तबादला किया गया। लगता है कि सेवा निवृत्त आईएएस अधिकारियों द्वारा बताए गए तथ्यों को लेकर चंद्रबाबू नायडू खासे नाराज हैं।

मीडिया के प्रतिनिधियों ने जब चंद्रबाबू नायडू से कर्मचारियों के वेतन भुगतान नहीं होने और सरकारी खजाना खाली होने की शिकायत के बारे में पूछा, तो उनका कहना था कि सभी आउट सोर्सिंग कर्मचारियों के वेतन का भुगतान हो चुका है। उन्होंने यह भी दावा किया कि पोलवरम परियोजना का 69 फीसदी काम पूरा हो चुका है और केंद्र सरकार की तरफ से अब भी 4,508.35 करोड़ रुपये जारी करना बाकी है।