नई दिल्ली: राष्ट्रीय राजधानी नई दिल्ली में केंद्रीय चुनाव आयोग में ज्ञापन सौंपने के बाद YSRCP सांसद विजयसाई रेड्डी मीडिया से मुखातिब हुए। सासंद ने कृष्णा जिले के मछलीपट्टनम कॉन्स्टीट्यूएंसी में ईवीएम्स की सुरक्षा पर सवाल खड़े किए। खासकर सांसद ने जानकारी दी कि 12 अप्रैल की रात एक शख्स स्ट्रॉन्ग रूम में घुस आया और वो बिना राजनीतिक दलों की जानकारी के कुछ ईवीएम्स अपने साथ ले गया। इस बारे में जिलाधिकारी से दरियाफ्त करने के बाद डीएम ने बताया कि वैसे ईवीएम को स्ट्रॉन्ग रूम से हटाया गया है, जिनका चुनाव के दौरान इस्तेमाल नहीं हुआ था।

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विजयसाई रेड्डी ने जिलाधिकारी के बयान पर शंका जाहिर करते हुए कहा कि अगर ऐसी बात थी तो राजनीतिक दलों को इस बारे में जानकारी देनी चाहिए। साथ ही इस घटना की मुकम्मल जांच की मांग भी की गई। विजयसाई रेड्डी ने इस बारे में राज्य सरकार की भूमिका को संदिग्ध बताया। साथ ही आंध्र प्रदेश सरकार के रवैये को 'आतंकी सलीका' करार दिया।

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विजयसाई रेड्डी ने जानकारी दी कि आंध्र प्रदेश में करीब 35 स्ट्रांगरूम बनाए गए हैं। जिसमें सभी ईवीएम्स को रखा गया है। इनकी देखरेख स्ट्रॉन्ग रूम के भीतर केंद्रीय बल कर रहे हैं। जबकि मिडल एरिया में आंध्र पुलिस की स्पेशल टीम कर रही है। वहीं आउटर इलाके में स्थानीय पुलिस तैनात है। YSRCP सांसद ने मांग की कि स्ट्रॉन्ग रूम की पूरी सुरक्षा अर्द्धसैनिक बलों के हवाले किया जाना चाहिए।

विजयसाई रेड्डी ने आशा और आरटीसी वर्कर्स को पोस्टल बैलेट की सुविधा नहीं दिए जाने की आलोचना की। साथ ही उन्हें वोट करने का मौका देने की चुनाव आयोग से मांग की है।

विजयसाई रेड्डी ने आरोप लगाया कि गुंटूर जिले में राज्य विधानसभा के स्पीकर कोडेला शिवप्रसाद एक पोलिंग बूथ में घुस आए। कोडेला ने करीब डेढ घंटा पोलिंग बूथ के भीतर ही बिताया। इस दौरान ड्रामेबाजी करते हुए कोडेला शिवप्रसाद ने खुद ही अपने कपड़े फाड़ लिए और अनर्गल आरोप लगाया। इस पर विजयसाई रेड्डी ने कोडेला के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर पुख्ता जांच की मांग की है।