अमरावती : आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री और तेलुगू देशम पार्टी (तेदेपा) अध्यक्ष एन. चंद्रबाबू नायडू ने गुरुवार को लगभग 150 मतदान केंद्रों पर इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीनों (ईवीएम) में गड़बड़ी के कारण वहां दोबारा मतदान कराने की मांग की।

मुख्य चुनाव आयुक्त (सीईसी) को लिखे पत्र में नायडू ने आंध्र प्रदेश के 150 से ज्यादा मतदान केंद्रों के नाम बताए हैं।

उन्होंने कहा, "मैं उपरोक्त सभी मतदान केंद्रों और ऐसे अन्य सभी मतदान केंद्रों पर दोबारा मतदान कराने की मांग करता हूं जहां ईवीएम की गड़बड़ी के कारण सुबह 9.30 बजे तक मतदान शुरू नहीं हो सका था।"

इससे पहले उन्होंने कई मतदान केंद्रों पर ईवीएम के काम नहीं करने पर नाराजगी जताई थी। ईवीएम में गड़बड़ी के कारण मुख्य चुनाव अधिकारी गोपाल कृष्ण द्विवेदी को भी वोट डालने में परेशानी हुई थी।

नायडू ने अपने पत्र में लिखा, "उम्मीदवारों, मुख्य चुनावी एजेंटों और मीडिया से कई शिकायतें आ रही हैं कि 30 प्रतिशत मतदान केंद्रो पर ईवीएम काम नहीं कर रही हैं। इसलिए सुबह 9.30 बजे तक मतदान शुरू नहीं हुआ था। यह दुर्भाग्य है कि बड़ी संख्या में मतदाता बिना मतदान किए निराश होकर वापस जा रहे हैं। चुनावी प्रक्रिया के लिए यह बहुत बड़ी असफलता है।"

पत्र में उन्होंने लिखा है, "बड़ी संख्या में महिलाएं और बुजुर्ग धूप में खड़े होकर इंतजार कर रहे हैं क्योंकि मतदान शुरू होने में देरी हो रही है। संभावना है कि घर लौटे ज्यादातर मतदाता ईवीएम के बदलकर मतदान शुरू होने के बाद भी ना लौटें। इसलिए जिन मतदान केंद्रों पर सुबह 9.30 तक मतदान शुरू नहीं हुए, उन सभी मतदान केंद्रों पर दोबारा मतदान कराने का आदेश देने की जरूरत है।"

राज्य की 25 लोकसभा तथा 175 विधानसभा सीटों पर मतदान जारी है।

नायडू ने कहा कि चुनाव आयोग को कम से कम अब तो ईवीएम पर अपने रुख की समीक्षा करनी चाहिए।

तेदेपा प्रमुख ने कहा, "हम लंबे समय से कह रहे हैं कि ईवीएम में तकनीकी गड़बड़ियों और छेड़छाड़ की गुंजाइश है। यहां तक कि तकनीकी रूप से उन्नत देशों में भी चुनाव के लिए बैलट पेपर का उपयोग होता है।"

उन्होंने कहा कि देश के 22 राजनीतिक दलों ने मांग की है कि वोटर वेरीफिएबल पेपर ऑडिट ट्रायल (वीवीपीएटी) की पर्चियों की गिनती तो होनी ही चाहिए। वे चुनाव आयोग की इस बात से सहमत नहीं हैं कि वीवीपीएटी पर्चियों को गिनने में छह दिन लगेंगे।

सर्वोच्च न्यायालय ने सोमवार को चुनाव अयोग को हर विधानसभा क्षेत्र के कोई भी पांच मतदान केंद्रों पर वीवीपीएटी पर्चियों को ईवीएम से मिलान करने का निर्देश दिया है। अभी तक किसी भी एक मतदान केंद्र की वीवीपीएटी पर्चियों का ईवीएम से मिलान होता था। अदालत ने इसे बढ़ाकर पांच मतदान केंद्र कर दिया और राजनीतिक दलों की कम से कम 50 प्रतिशत वीवीपैट पर्चियों के मिलान की मांग खारिज कर दी।

नायडू ने कहा कि वे कम से कम 25 प्रतिशत वीवीपैट पर्चियों के मिलान की मांग के साथ एक पुनर्विचार याचिका दायर करने पर विचार कर रहे हैं।