आंध्र प्रदेश: YS जगन मोहन रेड्डी का सीएम बनना तय, एक और सर्वे में खुलासा

वाई एस जगन मोहन रेड्डी: डिजाइन इमेज - Sakshi Samachar

अमरावती: वीडीपी एसोसिएट्स के सर्वे में आंध्र प्रदेश में सत्ता परिवर्तन के पुख्ता संकेत मिल रहे हैं। खासकर सीमांध्रा में वाईएसआर कांग्रेस पार्टी को भारी बहुमत मिलने के आसार हैं। सर्वे से साफ पता चलता है कि आंध्र प्रदेश के लोग मौजूदा मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू से खुश नहीं हैं।

वहीं जनसेना को सर्वे रिपोर्ट में महज एक सीट दी गई है। हालांकि 2 सीटों पर पार्टी अपना असर दिखाती नजर आ रही है।

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सर्वे के मुताबिक आम लोगों ने सरकार की कल्याणकारी योजनाओं को ही अहम मुद्दा माना है। हालांकि राज्य को विशेष राज्य का दर्जा मिलने के मुद्दे पर ज्यादातर मतदाता उदासीन हैं। वहीं YSR कांग्रेस पार्टी सुप्रीमो वाई एस जगन मोहन रेड्डी को लगता है कि वे केंद्र में केसीआर के सहयोग से आंध्र प्रदेश को विशेष राज्य का दर्जा दिलाने में सफल होंगे।

VDP एसोसिएट्स के सर्वे के आंकड़े

सर्वे के जातिगत आधार पर वोटिंग पैटर्न के संकेत मिले हैं। जिसके मुताबिक कम्मा, ब्राह्मिन, कापू वोट तेदेपा के खाते में जा सकते हैं। जबकि रेड्डी, अनुसूचित जाति और जनजाति, क्षत्रिय, ओबीसी वोट YSRCP को मिलने के आसार हैं। मुस्लिम वोटों की बात करें तो अल्पसंख्यक तबका तेदेपा और YSRCP के बीच बंटा हुआ है।

हालांकि तमिलनाडु में तत्कालीन जया सरकार और ओडिशा में नवीन पटनायक सरकार की तर्ज पर चंद्रबाबू नायडू ने महिलाओं को जमकर लोन बांटे। अब यही महिलाएं लोन माफी की फरियाद कर रही हैं। जिसके अनसुनी करने के बाद महिलाओं का बड़ा तबका चंद्रबाबू सरकार से नाराज है।

युवाओं की बात करें तो सर्वे में ज्यादातर युवा सत्ता परिवर्तन चाहते हैं। हालांकि कुछ युवाओं का झुकाव जनसेना के प्रति हो सकता है। हालांकि तेदेपा को सीधे तौर पर युवाओं की नाराजगी के चलते सत्ता गंवानी पड़ सकती है।

टाइम्स नाऊ वीएमआर सर्वे के नतीजे

वहीं टाइम्स नाऊ वीएमआर सर्वे में भी YSRCP को अच्छी खासी बढ़त दिखाई गई है। जिसके मुताबिक 43.7 फीसदी वोटों के साथ वाई एस आर कांग्रेस पार्टी लोकसभा की कम से कम 20 सीटें हासिल कर सकती है। जबकि 2014 के लोकसभा चुनाव की तुलना में तेलुगू देशम पार्टी का वोट प्रतिशत कम हुआ है।

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