अमरावती : केंद्रीय चुनाव आयोग ने पुलिस महानिदेशक आरपी ठाकुर को राज्य के तीन आईपीएस अधिकारियों को ट्रांसफर करने वाले सीईसी के आदेशों की एपी सरकार की अवज्ञा पर स्पष्टीकरण मांगने के लिए समन भेजा। डीजीपी गुरुवार को केंद्रीय चुनाव आयोग के अधिकारियों से मुलाकात कर सकते हैं ।

मंगलवार को आंध प्रदेश के मुख्य सचिव अनिल चंद्र पुनेठा को CEC द्वारा समन भेजा गया था। यह पता चला है कि सीईसी डीजीपी से पूछना चाहती है कि कैसे राज्य सरकार ने चुनाव आयोग के दायरे से बाहर डीजी की खुफिया जानकारी रखते हुए नए सिरे से जीओ जारी किया।

इसी बीच, वाईएसआरसीपी ने चुनाव आयोग से शिकायत की थी कि हालांकि चुनाव आयोग और अदालत ने डीजी खुफिया विभाग को विशेष आदेश दिए थे, लेकिन फिर भी वे अपने कर्तव्यों का पालन करते रहे।

YSRCP ने यह कहते हुए डीजीपी के ट्रांसफर की भी मांग की थी कि उन्हें सत्तारूढ़ टीडीपी के प्रति उनके झुकाव के मद्देनजर चुनावी कार्यक्रमों से दूर रखा जाए।

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आपको बता दें कि इससे पहले YSR कांग्रेस पार्टी के विधायक अल्ला राम कृष्णा रेड्डी ने मुख्य चुनाव अधिकारी गोपाल कृष्ण द्विवेदी से आंध्र के डीजीपी आरपी ठाकुर को हटाने की मांग की है।

YSRCP विधायक ने डीजीपी ठाकुर पर लोकतंत्र की मर्यादाओं के खिलाफ काम करने का आरोप लगाया। राम कृष्णा रेड्डी ने तो यहां तक कहा कि आंध्र में डीजीपी आरपी ठाकुर के रहते निष्पक्ष मतदान संभव नहीं है।

विधायक राम कृष्णा रेड्डी के मुताबिक आर पी ठाकुर को तब डीजीपी बनाया गया था जब उनके खिलाफ कोर्ट में एक जनहित याचिका लंबित थी। यहां तक कि आर पी ठाकुर ने आंध्र प्रदेश विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष YS जगन मोहन रेड्डी पर हुए हमले का मजाक उड़ाया था।

ठाकुर ने जानलेवा हमले पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा था कि इसके जरिए YSRCP के लोग आम जनता की सहानुभूति बटोरने की कोशिश कर रहे हैं।