अमरावती : आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू के मंत्री पुत्र नारा लोकेश के नामांकन को लेकर असमंजस की स्थिति बनी हुई है। नामांकन पत्र में गलती की वजह से लोकेश का नामंकन मंजूर होगा या नहीं, इसको लेकर टीडीपी कैडर में चिंता बढ़ गई है।

टीडीपी के टिकट से मंगलगिरी के उम्मीदवार के रूप में नामांकन दाखिल कर चुके नारा लोकेश ने मकान का पता ताड़ेपल्ली मंडल के उंडवल्ली बताया है और इसकी नोटरी कृष्णा जिले के अधिवक्ता सीताराम ने की है।

मंगलगिरी से वाईएसआरसीपी के उम्मीदवार व वर्तमान विधायक आल्ला रामकृष्णा रेड्डी ने अधिवक्ता सीतामराम से पूछा है कि अपनी परिधि में नहीं आने वाले गांव को नोटरी कैसे कर सकते हैं। इस मामले में विवरण देने के लिए अधिवक्ता सीताराम ने चुनाव अधिकारी वसुमा बेगम से थोड़ा वक्त मांगा है।

राजस्व अधिकारी कार्लायल पहुंचे आल्ला रामकृष्णा रेड्डी
राजस्व अधिकारी कार्लायल पहुंचे आल्ला रामकृष्णा रेड्डी

यह भी सुनने में आ रहा है कि नोटरी रूल्स के मुताबिक नारा लोकेश का नामांकन वैध नहीं है। उधर, वाईएसआरसीपी ने गलत नामांकन पत्र सौंपने वालों के खिलाफ कानून के मुताबिक निर्णय लेने की मांग के साथ इस मामले में चुनाव अधिकारियों से निष्पक्ष फैसला करने की अपील कर रही है।

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लोकेश और उनके अधिवक्ता द्वारा दिए जाने वाले विवरण से चुनाव अधिकारी अगर संतुष्ट नहीं होते हैं, तो उनका नामांकन भी ठुकराया जा सकता है। परंतु टीडीपी के नेताओं का कहना है कि एक मामूली भूल है और कोई बड़ी गलती नहीं है। इसलिए नामांकन ठुकराने जैसी स्थिति नहीं है।

दूसरी तरफ, लोकेश के नामांकन मंजूर करने के लिए उच्चस्तर पर दबाब बनाए जाने की खबरें सुनने में आ रही हैं।