कर्नूल / अनंतपुर / कडपा रूरल: TDP अध्यक्ष और आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री नारा चंद्रबाबू नायडू ने खुद ही एक जनसभा में अपनी पोल खोली। सीएम चंद्रबाबू ने लोगों के सामने माना कि उन्होंने कई मौको पर विपक्षी YSRCP के ज्ञापनों को अनदेखा किया। हालांकि उन ज्ञापनों में जनकल्याण से जुड़े कई सुझाव निहित हुआ करते थे। मुख्यमंत्री रहते चंद्रबाबू ने व्यक्तिगत कुंठा की वजह से लोकतांत्रिक परंपराओं को ताक पर रख दिया। मजे की बात ये कि एक जनसभा में मुख्यमंत्री नारा चंद्रबाबू नायडू ने खुल्लमखुल्ला माना कि वे पार्टी विधायकों के लिए काम करते हैं न कि राज्य के लोगों के लिए।

बता दें कि कुछ ऐसा ही बयान बिहार की तत्कालीन मुख्यमंत्री राबड़ी देवी ने जहानाबाद (बिहार में) के किसी इलाके के लिए दिया था। जिसमें राबड़ी देवी ने भोलेपन से कहा था कि वे अमुक इलाके की परवाह नहीं करती हैं क्योंकि वहां के लोगों ने उन्हें वोट नहीं किया है। तब राबड़ी देवी के इस बयान पर जमकर बवाल हुआ था और खुद लालू प्रसाद को स्थिति संभालने के लिए बयान देना पड़ा था।

अब चंद्रबाबू नायडू के ताजा बयान की तुलना राबड़ी देवी से होने लगी है। हालांकि दोनों की शख्सियत में बुनियादी अंतर है। राबड़ी देवी की स्कूली शिक्षा-दीक्षा भी औपचारिक तरीके से नहीं हो सकी है। जबकि चंद्रबाबू उच्च शिक्षा प्राप्त सभ्रांत राजनीतिक परिवार से आते हैं। ऐसे में लोग चंद्रबाबू नायडू को पढ़े लिखे 'अनपढ़' की संज्ञा देने लगे हैं।

यह भी पढ़ें:

AP Elections 2019: चंद्रबाबू नायडू ने प्रशांत किशोर को बताया ‘बिहारी डकैत’, जानें क्यों बौखलाए मुख्यमंत्री

देश में ऐसे कई मुख्यमंत्री हुए हैं जिन्होंने विपक्षी पार्टियों के सकारात्मक सुझावों को न सिर्फ सहर्ष स्वीकार किया, बल्कि उसे लागू भी करवाया। जबकि देश के अकेले मुख्यमंत्री हैं चंद्रबाबू नायडू जिन्हें अपनी गलती पर अफसोस भी नहीं है, साथ ही वे सरेआम इसे स्वीकार करने से भी गुरेज नहीं करते हैं। कर्नूल में जनसभा को संबोधित करते हुए चंद्रबाबू नायडू ने इस तरह की बातें की।

पन्यम विधानसभा क्षेत्र में चंद्रबाबू ने लोगों से टीडीपी उम्मीदवार गौरु चरिता का परिचय कराया। बता दें कि गौरु चरिता ने 2014 विधानसभा का चुनाव YSRCP के टिकट पर जीता था। सियासी मौकापरस्ती के तहत चरिता ने अब टीडीपी का दामन थाम लिया है।

चंद्रबाबू नायडू ने चुनावी अभियान के तहत कर्नूल, अनंतपुर और कडपा जिले का दौरा किया। कर्नूल में बोलते हुए चंद्रबाबू ने आरोप लगाया कि तेदेपा उम्मीदवार तिक्का रेड्डी पर मंत्रालयम में हमला किया गया, जिसे पार्टी हल्के में नहीं लेगी।

हालांकि जिला पुलिस अधीक्षक ने पहले ही तस्दीक कर दी है कि तेदेपा उम्मीदवार तिक्का रेड्डी पर कोई हमला नहीं हुआ। बल्कि गनमैन की गलती और मिसफायर की वजह से वे मामूली तौर पर घायल हुए हैं। इस बारे में कार्रवाई करते हुए दो गनमेन को सस्पेंड भी कर दिया गया है।

पुलिस की तस्दीक के बावजूद मुख्यमंत्री बाबू के अनर्गल प्रलाप ने चंद्रबाबू को हंसी का पात्र बनाया है। जनसभाओं में चंद्रबाबू नायडू ज्यादातर वक्त YSRCP और इसके मुखिया YS जगनमोहन रेड्डी को नीचा दिखाने में लगाते हैं।

सरकार की कल्याणकारी योजनाओं का हवाला देकर लोगों से चंद्रबाबू समर्थन देने की गुजारिश करते हैं। अब अंतिम फैसला तो जनता जनार्दन को ही लेना है।