हैदराबाद : आंध्र प्रदेश की 175 विधानसभा क्षेत्रों में से एक है तिरुपति, जो चित्तूर जिले के अंतर्गत आता है। चित्तूर जिले में कुल 14 विधानसभा क्षेत्र हैं, जो राजनीतिक दृष्टि से काफी महत्वपूर्ण है। टीडीपी प्रत्याशी एम. सुगनम्मा इस वक्त यहां से विधायक हैं।

चित्तूर जिले में तिरुपति के अलावा सत्यवीड़ु, गंगाधर नेल्लोर, पुथलपट्टु, नागरी, श्रीकालाहस्ती, चित्तूर, मदनपल्ले, पलमनेरु, कुप्पम, पुंगनूर, थम्बालापल्ली, पिलेरू और चंद्रगिरी विधानसभा क्षेत्र हैं।

तिरुपति राज्य में सातवां सबसे बड़ा शहर है। इसे आंध्र प्रदेश की आध्यात्मिक राजधानी कहा जाता है। यह एक प्रमुख पर्यटक क्षेत्र है। 1500 साल पहले तिरुपति का नाम कोटुरू था। यहां तमिल, कन्नड़, तेलुगु, हिंदी व अन्य भाषा के लोग मिल जाएंगे। तिरुपति 1886 में नगर पालिका बनी थी। 1955 में निर्वाचन क्षेत्र बना था। 2006 नगर निगम बनाया गया।

विधायक एम सुगनम्मा (फाइल फोटो)
विधायक एम सुगनम्मा (फाइल फोटो)

2011 जनगणना के मुताबिक, तिरुपति की कुल आबादी 3 लाख 74 हजार 260 है। कुल मतदाता 2,37,941 हैं, जबकि पुरुष मतदाता 1,18,521, महिला मतदाता 119374 एवं अन्य 46 हैं। यहां कुल मंडल 50 हैं।

कब-कब हुए चुनाव

साल 1955 में हुए विधानसभा चुनाव में कृषिकर लोक पार्टी के प्रत्याशी आर नाथमुनि रेड्डी ने सीपीआई उम्मीदवार के कृष्णा रेड्डी को हराया। उन्हें 28162 वोट मिले थे। साल 1962 के चुनाव में आर नाथमुनि रेड्डी कांग्रेस में शामिल हो गए और पार्टी के टिकट पर चुनाव लड़ा। इस बार उन्होंने ईश्वरा रेड्डी को हराया। उन्हें 19882 वोट मिला।

साल 1967 में हुए विधानसभा चुनाव में SWA के अगराला ने इस सीट पर जीत दर्ज की। इन्होंने कांग्रेस प्रत्याशी जीआर पंडरावेती को हराया। अगराला को 45931 वोट मिले थे। साल 1972 के विधानसभा चुनाव में कांग्रेस प्रत्याशी विजयाशिखामनी ने इस सीट पर कब्जा जमाया। उन्होंने निर्दलीय प्रत्याशी पी. मुनि रेड्डी को हराया। विजयाशिखामनी को 36837 वोट मिले थे। साल 1978 में कांग्रेस (आई) के प्रत्याशी अगराला ईश्वरा रेड्डी ने निर्दलीय प्रत्याशी एस पंडरावेती गौरव रेड्डी को हराया। उन्हें 23635 वोट मिले थे।

साल 1983 के चुनाव में निर्दलीय प्रत्याशी के तौर पर एनटी रामा राव ने जीत दर्ज की। उन्हें 64688 मत मिले थे। एनटी रामा राव ने कांग्रेस प्रत्याशी अगराला ईश्वरा रेड्डी को हराया।

साल 1985 के चुनाव में कांग्रेस प्रत्याशी माबू रामी रेड्डी ने टीडीपी प्रत्याशी पी. गुरवा रेड्डी को हराया। कांग्रेस प्रत्याशी को 45510 वोट मिले थे। 1989 के विधानसभा चुनाव में एम रामी रेड्डी ने एक बार फिर तिरुपति सीट पर जीत दर्ज की। उन्होंने टीडीपी प्रत्याशी कोला रामू को हराया।

साल 1994 के विधानसभा चुनाव में टीडीपी प्रत्याशी ए मोहन ने कांग्रेस प्रत्याशी एम रानी रेड्डी को हराया। ए मोहन को 75877 वोट मिले थे। साल 1999 में टीडीपी प्रत्याशी सी. कृष्णा मूर्ति ने कांग्रेस के एम वेंकटरमणा को हराया। सी. कृष्णा मूर्ति को 71381 वोट मिले थे। साल 2004 के विधानसभा चुनाव में कांग्रेस प्रत्याशी एम. वेंकटरमणा ने टीडीपी प्रत्याशी एनवी प्रसाद को हराया। उन्हें 91863 वोट मिले थे। साल 2009 के विधानसभा चुनाव में अभिनेता के चिरंजीवी ने प्रजा राज्यम पार्टी बनाई और इस सीट से चुनाव लड़े और जीते भी।

इन्होंने कांग्रेस प्रत्याशी के भूमना रेड्डी को हराया। साल 2012 में इस सीट पर विधानसभा उपचुनाव हुए, जिसमें वाईएसआर कांग्रेस पार्टी के प्रत्याशी बीके रेड्डी ने कांग्रेस प्रत्याशी को हराया। साल 2014 के चुनाव में टीडीपी प्रत्याशी एम वेंकटरमणा ने ईएसआरसीपी प्रत्याशी बीके रेड्डी को हराया। साल 2015 में इस सीट पर एक बार फिर उपचुनाव हुए, जिसमें टीडीपी प्रत्याशी एम सुगना ने जीत दर्ज की।