हैदराबाद: YSR कांग्रेस पार्टी के प्रवक्ता सी. रामचंद्रय्या ने सवाल किया कि आंध्र प्रदेश पुनर्विभाजन कानून के तहत राज्य में उच्च न्यायालय बनने पर चंद्रबाबू को क्या तकलीफ है? उच्च न्यायालय के विभाजन को लेकर सर्वोच्च न्यायालय के निर्णय और राष्ट्रपति के आदेश को चंद्रबाबू द्वारा विरोध करने का मतलब क्या है?

रामचंद्रय्या ने कहा कि आंध्र प्रदेश में उच्च न्यायालय बनने पर जारी मामलों के निर्णय कोई बदलाव नहीं होगा। कानून के मुताबिक ही न्याय होगा। रामचंद्रय्या ने कहा कि चंद्रबाबू कूटनीति करने का प्रयास कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि चंद्रबाबू का विचार है कि राज्य को विशेष पैकेज मिलता है तो तेदेपा के गलियारों में इसका लाभ मिलेगा, जबकि राज्य के विकास की गति तेज नहीं होगी।

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YSR कांग्रेस पार्टी के प्रवक्ता ने आरोप लगाया है कि चंद्रबाबू स्वार्थ की राजनीति करते हुए व्यवस्था को अपनी मनमर्जी को उपयोग में लाने का प्रयास कर रहे हैं। उन्होंने याद दिलाया कि आंध्र प्रदेश सरकार ने सर्वोच्च न्यायालय से कहा कि 15 दिसंबर तक न्यायालय भवन उपलब्ध कराया जाएगा, लेकिन अब इस बात को बदल दिया।