नई दिल्ली : वाईएसआर कांग्रेस पार्टी के राज्यसभा सदस्यों ने विशेष दर्जा की मांग के समर्थन में संसद में विरोध प्रदर्शन किया। गुरुवार को संसद सत्र शुरू होते ही वाईएसआरसीपी के सांसद वी विजयासाई रेड्‍डी और वेमिरेड्डी प्रभाकर ने आंध्र प्रदेश को विशेष दर्जा की समर्थन करते हुए प्लकार्ड प्रदर्शित किया। साथ ही विशेष दर्जा की मांग करते हुए सांसद संसद की वेल में घुसने का प्रयास किया। विरोध प्रदर्शन के चलते राज्यसभा के स्पीकर ने सभा को शुक्रवार तक के लिए स्थगित कर दिया।

इसके बाद वाईएसआरसीपी नेताओं के गांधी प्रतिमा के पास धरना दिया। साथ ही एपी को विशेष दर्जा और विभाजन के दौरान दिये गये आश्वासनों की अमलावरी करने की मांग करते हुए नारे लगाये।

संबंधित खबरें..

AP को विशेष दर्जा के समर्थन में YSRCP का दिल्ली में अनशन आज

दिल्ली के जंतर-मंतर के पास YSRCP का विशेष दर्जा के लिए ‘वंचना पै गर्जना’ का हुआ आगाज

इस धरना कार्यक्रम में विजयसाई रेड्डी, वेमिरेड्डी प्रभाकर रेड्डी, पूर्व सांसद मेकपाटी राजमोहन रेड्डी, वेलगपल्ली वरप्रसाद, वाईवी सुब्बा रेड्डी, पीवी मिथुन रेड्डी, वाईएस अविनाश रेड्डी, उम्मारेड्डी वेंकटेश्वर्लु, बोत्सा सत्यनारायण, अनंत वेंकटरामि रेड्डी और अन्य नेताओं ने भाग लिया है

दूसरी ओर आंध्र प्रदेश को विशेष दर्जा देने की मांग को लेकर YSR कांग्रेस पार्टी के नेतृत्व में गुरुवार को (27 दिसंबर) दिल्ली में जंतर-मंतर के पास 'वंचना पै गर्जना दीक्षा' अनशन कार्यक्रम आरंभ हुआ है। इस अवसर पर YSRCP के नेता आंध्र प्रदेश को विशेष दर्जा और प्रदेश विभाजन के दौरान दिये गये आश्वासनों की अमलवारी की मांग कर रहे हैं।

यग अनशन सुबह 10 बजे से शाम 4 बजे तक जारी रहेगा। इस कार्यक्रम में YSR कांग्रेस पार्टी के राज्यसभा सदस्य, पूर्व सांसद और पार्टी नेता भाग होंगे।

पार्टी सूत्रों ने बताया कि पार्टी के अध्यक्ष वाईएस जगन मोहन रेड्डी के आह्वान पर 'वंचना पै गर्जना दीक्षा' कार्यक्रम आयोजित किया जा रहा है। विशेष दर्जा की मांग के समर्थन में आहूत 'वंचना पै गर्जना दीक्षा' में पूर्व सांसद मेकपाटी राजमोहन रेड्डी, वेलगपल्ली वरप्रसाद, वाईवी सुब्बा रेड्डी, पीवी मिथुन रेड्डी, वाईएस अविनाश रेड्डी और अन्य नेताओं ने भाग लिया है।

आपको बता दें कि इससे पहले एपी को विशेष दर्जा की मांग के समर्थन में वाईएस जगन मोहन रेड्डी के आह्वान पर वाईएसआरसीपी के नेताओं ने गत 6 अप्रैल को एपी भवन के सामने अनशन किया गया। इसके बाद 29 अप्रैल विशाखापट्टनम अनशन कार्यक्रम किया गया। इसी क्रम में 2 जून को नेल्लूल में, 3 जुलाई को अनंतपुर में, 9 अगस्त को गुंटूर में और 30 नवंबर को काकीनाडा में 'वंचना पै गर्जना दीक्षा' आयोजित किया गया। आज नई दिल्ली में जंतर-मंतर के पास अनशन आयोजित किया जा रहा है।