19-12-2018, बुधवार

दुर्गम्मापेट, श्रीकाकुलम जिला

आज कोटबोम्माली मंडल में पूरा दिन पदयात्रा चली। दिनभर लोग बड़ी संख्या में मुझसे मिलते रहे। यहां के लोग अनगिनत समस्याओं से जूझ रहे हैं। यह मंत्री का गृह मंडल तो है लेकिन यहां विकास दूर-दूर तक नजर नहीं आता। यहां के लोग यहां के मंत्री को ही समस्याओं के मान रहे हैं। लोगों की बातें सुनने के बाद कुछ देर के लिए मैं इस बात को लेकर असमंजस में पड़ा रहा कि आखिर मंत्री पद जनसमस्याओं को दूर करने के लिए होता या फिर समस्याएं बढ़ाने के लिए ?

जर्जंगी गांव की बहनें मुझसे मिलीं और बोली कि गांव में 13 से अधिक बेल्टशॉप्स (शराब की खुदरा दुकान) हैं। शराब के कारण लोगों की जानें जाने के अलावा उनके परिवार बर्बाद हो रहे हैं, लेकिन यहां उनकी तरफ देखने वाला कोई नहीं है।

दूसरी तरफ, यहां की हर दुकान में सस्ती और मिलावटी शराब मिलती है। घटिया किस्म की शराब ब्रांडेड कंपनियों की बोतल में भरकर उसे अधिक दामों पर धड़ेल्ले से बेचा जा रहा है। यहां लोगों की जेबों में सेंध लगाने के अलावा उनके स्वास्थ्य और जिन्दगी से खिलवाड़ किया जा रहा है। गांव वालों ने बताया कि इस मिलावटी शराब ब्रिकी के पीछे जब मंत्री हैं, तो अधिकारी क्या करेंगे। यह बहुत ही दुर्भाग्य की बात है कि अवैध कमाई के लिए मंत्री भी लोगों की जिन्दगियों से खेल रहे हैं।

यलमंचिली गांव की बहनों ने बताया कि मंत्री की अराजकता दिनों-दिन बढ़ती जा रही है। बाबू सरकार के बनते ही दुश्मनी से यहां की एक महिला सरपंच का चेक पॉवर हटा दिया गया। हाईकोर्ट जाकर चेक पॉवर हासिल करने के बावजूद उसके कुछ समय बाद फिर से उसका चेकपॉवर हटवा दिया गया। सभी तरह की योग्यताएं होने के बाद भी यहां के 80 लोगों का पेंशन काट दिया गया है।

98 वर्ष की दुंपला लच्चम्मा, मजदूरी करने वाली उसकी विधवा बेटी तथा आंखों की रोशनी गंवा चुकी 90 वर्ष की चिन्नम्मी का पेंशन काट दिया गया है। उनका राशन तक बंद कर दिया गया है। 100 प्रतिशत दिव्यांग रहे कोना अप्पन्ना की राशन डीलरशिप हटाकर उसे प्रताड़ित किया गया, इससे उसकी मानसिक तनाव में आने से मौत हो गई। कुछ लोगों के कोर्ट जाकर दोबारा पेंशन हासिल करने के बावजूद फिर से उनका पेंशन काट दिया गया है। पिताजी दिवंगत वाईएस राजशेखर रेड्डी द्वारा शुरू की गई पेयजल योजना के लिए पानी की आपूर्ति तक नहीं हो रही है।

दूसरी तरफ, तूफान पीड़ितों को दिए गए आधे-अधूरे मुआवजे को भी टीडीपी नेताओं ने हजम कर लिया है। ऐसे में सवाल उठता है कि क्या तूफान केवल एक ही पार्टी के लोगों को चुनकर नुकसान पहुंचाता है ? तूफान में क्या सिर्फ टीडीपी के लोगों को नुकसान पहुंचता है? क्या मुआवजा सिर्फ टीडीपी समर्थकों के लिए लागू होता है?

आज बड़ी संख्या में मिले लोगों के बीच ललिता नामक एक स्कूली बच्ची मुझसे मिली। मुझसे मिलने के लिए वह दो किलो मीटर तक दौड़कर आई। इस दौरान पैर से उसकी चप्पलें निकल गईं और भीड़ में किसी ने उसके पैर भी कुचल दिए। उस बच्ची का सच्चा अभिमान और प्यार ने मुझे भावुक बना दिया।

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कोटबोम्माली के निकट कुछ दलित मुझसे मिले। करीब 23 परिवारों के लोग पिछले 40 वर्षों से यहां की 7.5 एकड़ भूमि में खेती कर रहे हैं। गांव की सीमा पर स्थित उस जमीन की कीमतें बढ़ गई हैं। चंद्रबाबू सरकार बनते ही स्थानीय टीडीपी नेताओं की नजर उस दलितों की जमीन पर पड़ी।

दलितों की जमीन पर नागरिक आपूर्ति विभाग के गोदाम और डिग्री कॉलेज का निर्माण करने के नाम पर मंत्री के सहयोग से टीडीपी नेताओं ने डी-पट्टे रद्द करवाकर उसे कब्जा कर लिया। इस सरकार का कार्यकाल लगभग खत्म होने को है, लेकिन अभी तक यहां किसी तरह का निर्माण तक शुरू नहीं होना टीडीपी नेताओं की नीयत को दर्शाता है।

मुख्यमंत्रीजी मेरा एक सवाल है...मुख्यमंत्री जी क्या बात सच नहीं है कि पहली बार जब आप मुख्यमंत्री बने थे तभी पहली बार बेल्ट शॉप्स खुले थे? शराब से आय बढ़ाने के लिए टार्गेट निर्धारित कर बेल्ट शॉप्स की संख्या बढ़ाने के लिए गांव-गांव नई दुकानें खोली जा रही हैं। बेल्ट शॉप्स रद्द करना आपके द्वारा हस्ताक्षर की जाने वाली फाइलों में पहली फाइल थी। क्या आपको यह वायदा याद है? आपका पहला हस्ताक्षर पहला धोखा बनकर रह जाना क्या आपको शोभा देती है?

वाईएस जगन