हैदराबाद : आंध्र प्रदेश में विपक्षी दल के नेता और वाईएसआर कांग्रेस पार्टी के अध्यक्ष वाईएस जगन मोहन रेड्डी ने उनके ऊपर किये गये जानलेवा हमले के पीछे छिपी सच्चाई को पता लगाने के लिए प्रदेश सरकार की परिधि में नहीं आने वाली किसी अन्य संस्था से जांच कराने की मांग करते हुए केंद्रीय गृहमंत्री राजनाथ सिंह को पत्र लिखा है। वाईएस जगन के पत्र वाईएसआर कांग्रेस पार्टी के नेताओं ने सोमवार को मीडिया को जारी किया है।

वाईएस का लिखा हुए पत्र कुछ अंश-

"मैं प्रदेश में घट रही खतरनाक हालात की ओर आपका ध्यान आकर्षित करने के लिए यह पत्र लिख रहा हूं। गत 25 अक्टूबर 2018 को दोपहर 12.40 बजे विशाखा एयरपोर्ट वीआईपी लाउंज में एक अज्ञात युवक के हाथोंं हत्या के प्रयास का शिकार हुआ हूं। उस युवक ने सेल्फी के बहाने मेरे करीब आकर तेज हथियार से मेरे गले को खंडित करने का प्रयास किया। मैंने तुरंत आत्मरक्षा के लिए अपनी गर्दन को बचाने हेतु अपने कंधे को आड़े ले आया। इसके कारण मेरे बाएं कंधे पर गंभीर जख्म हुआ। तीन-चार सेंटिमीटर तक गहरा घाव हुआ। कुछ लोगों ने हमलावर को पकड़कर तुरंत वहां पर तैनात सीआईएसएफ कर्मचारियों के हवाले कर दिया।"

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"एयरपोर्ट में ड्यूटी पर तैनात डॉक्टर ने मेरी प्राथमिक चिकित्सा की। मेरे ऊपर हुए हत्या के प्रयास के समाचार से प्रदेश में गंभीर उथल-पुथल मचने की संभावना का मैंने अंदाजा लगाया। प्रदेश के लोग मेरे कुशलता को लेकर परेशान न हो इस उद्देश्य से खून से भरे मेरे शर्ट को बदलकर प्राथमिक चिकित्सा और ड्रेसिंग करवाकर निर्धारित समय के अनुसार दोपहर 1.05 बजे के विमान से हैदराबाद रवाना हुआ। हैदराबाद पहुंचते ही मुझे सिटी न्यूरो अस्पताल में इलाज के लिए ले जाया गया। मेरे कंधे पर हुए गहरे जख्म को चिकित्सों ने जांच कर ऑपरेशन किया और 9 कांटे लगाये। हमलावर ने किसी जहरीले पदार्थ के उपयोग किये जाने के संदेह के चलते खून के नमूने को लैब को भेज दिये।"

"प्रदेश सरकार ने पहले ही एक निर्णय पर पहुंचकर दोषपूर्ण तरीके से इस घटना की जांच आरंभ कर दी। प्रदेश सरकार जानबुझकर एक नतीजे पर आकर इसे मेरी अध्यक्षता वाली वाईएसआरसीपी में हुई अंदरुनी षड्यंत्र के रूप में चित्रित करने का प्रयास किया। इस हत्या प्रयास के तुरंत प्रदेश डीजीपी ने मीडिया के सामने एक घोषणा कर दी। डीजीपी ने प्रारंभिक जांच का हवाला देते हुए कहा कि हमलावर ने लोगों का ध्यान आकर्षित करने के लिए यह हमला किया है। बिना किसी सोच के तुरंत घोषणा कर इस हत्या के प्रयास को कम आंका गया है। यह प्रयास सत्तापक्ष टीडीपी को लाभ पहुंचाने के लिए किया गया मात्र है। प्रदेश सरकारी तंत्र का उद्देश्य मेरे ऊपर हुए आश्चर्यचकित करने वाले इस हमले को कम आंककर दिखाई देना लगता है।"

"जब मैं अस्पताल में था तब प्रदेश के अधिकारी और टीडीपी नेताओं ने मीडिया घोषणा की है कि मेरे ऊपर हुए हत्या का प्रयास योजनाबद्ध तरीके से और अंदरूनी कारणों से हुआ है। आने वाले चुनाव में सहानुभूति हासिल करने के लिए किया गया यह प्रयास है। यह घोषणा इस मामले की प्रक्रिया को गलत तरीके से पेश करना और पहले ही सोची समझी चाल के तहत निर्धारित किया गया क्रूर प्रयास है।"

"आंध्र प्रदेश के माननीय मुख्यमंत्री ने मीडिया से मेरे और वाईएसआरसीपी के खिफाल गंभीर आरोप लगाये है। मुख्यमंत्री ने कहा कि हमलावर के पास 10 पेज का पत्र बरामद हुआ है। पत्र से पता चला है कि हमलावर वाईएसआरसीली का समर्थक है। इसके अलावा हमलावर के मकान में जांच करने पर दिवंगत वाईएस राजशेखर रेड्डी का फोटो भी मिला है। लोगों की सहानुभूति जुटाने करने के लिये ही इस हमले की योजना बनाई गई है। मुख्यमंत्री की यह घोषणा इससे पहले की गई डीजीपी की घोषणा को समर्थन करने वाली है। प्रदेश की जांच एजेंसी द्वारा की जा रही जांच में ईमानदारी नहीं है। सच्चाई का पता नहीं लगा पाएगी। इस प्रकार की जांच कराने का पहले ही फैसला लिया जा चुका है। "

"किसी भी आपराधिक मामले में पीड़ित व्यक्ति न्याय और निष्पक्ष जांच का हकदार होता है। कोई भी जांच न्यायिक, निष्पक्ष और कानून के तहत होनी चाहिए। पक्षपात नहीं होना चाहिए। षड्यंत्र के अनुसार नहीं होना चाहिए। मुख्य रूप से किसी भी जांच एजेंसी को पहले ही अंजाम तक नहीं पहुंचना चाहिए। आवश्यक सबूतों को एकट्ठा करके जांच करना मुख्य बात होती है। हमलावर के खिलाफ पूरे सबूत और गवाह मौजूद है। फिर भी जांच मात्र वाईएसआरसीपी के अंदरुनी षड्यंत्र की दृष्टि से की रही है।"

"प्रदेश सरकार अपनी आवश्यकता के अनुसार जांच को प्रेरित कर रही है। ऐसे हालत में आपको इस मामले में हस्तक्षेप करना चाहिए। मेरा आपसे आग्रह है कि प्रदेश सरकार के परिधि में नहीं रहे ऐसे किसी अन्य जांच एजेंसी से इस मामले की जांच कराने का आदेश दीजिए। ऐसे किये पर ही इस मामले की जांच में किसी प्रकार का दाग नहीं लगेगा। हमले के पीछे की सच्चाई का पता लगाने में मदद मिलेगी। ऐसी जांच ही अपराधी को सजा दिला पाएगी।"

भवदीय

वाईएस जगन मोहन रेड्डी