नई दिल्ली : वाईएसआरसीपी ने विशेष दर्जा की मांग के समर्थन में आंदोलन तेज किया है। पार्टी से इस्तीफा दे चुके सांसद और राज्यसभा सदस्य विजयसाई रेड्डी, वेमिरेड्डी प्रभाकर रेड्डी, बोत्सा सत्यानाराण व उम्मारेड्डी वेंकटेश्वर्लु संसद भवन के गांधी जी की प्रतिमा के पास धरना दिया।

इस अवसर पर नेताओं ने कहा कि टीडीपी चार साल तक बीजेपी के साथ दोस्ती रही। इसी के चलते प्रदेश को भारी नुकसान उठाना पड़ा है।

उन्होंने कहा कि प्रदेश के विकास के लिए पार्टी के सांसदों के इस्तीफा देने के बाद ही बीजेपी की आंखें खुल गई।

नेताओं ने कहा कि यदि टीडीपी के सांसद वाईएसआरसीपी के सांसदों के साथ इस्तीफा दिये होते तो केंद्र सरकार को अवश्यक झूकना पड़ना पड़ता था। मगर टीडीपी ने अपने स्वार्थ के लिए प्रदेश को केंद्र के पास गिरवी रख दी।

वाईएसआरसीपी नेताओं ने कहा कि कड़पा इस्पात संयंत्र पर छह माह में फैसला लेने का उल्लेख है। मगर टीडीपी सरकार चार साल तक इस्पात संयंत्र पर खामोश बैठी रही।

नेताओं ने आगे कहा कि टीडीपी का मकसद किसी भी तरह से सत्ता में बने रहना है। टीडीपी को राज्य की जरा सी भी चिंता नहीं है।

उन्होंने कहा कि चंद्रबाबू नायुडू पहले एनटी रामाराव की पीठ में छूरा घोंपकर मुख्यमंत्री बने। बाद मे अटल बिहारी वाजपेयी की कृपा से मुख्यमंत्री बने। इसके बाद चंद्रबाबू ने बीजेपी के खिलाफ आवाज उठाई। मगर फिर वर्ष 2014 में चंद्रबाबू नायुडू बीजेपी के बगल में जाकर बैठ गये।

नेताओं ने कहा कि चार साल तक केंद्र सरकार में बने रहे। पैकेज के नाम पर जितना भी लूटने को मिला लूट ले गये। इस तरह चंद्रबाबू का पूरा शासनकाल भ्रष्टाचार में ही बीता है।