तिरुपति : उपराष्ट्रपति एम. वेंकैया नायडू ने मंगलवार को कतार में लगकर तिरुमला के निकट भगवान वेंकटेश्वर के दर्शन किए। उपराष्ट्रपति हालांकि अतिविशिष्ट लोगों के लिये बने ‘महाद्वारम' से दर्शन के लिये जा सकते थे लेकिन उन्होंने आम श्रद्धालुओं की तरह कतार में लगकर दर्शन करने का फैसला लिया।

नायडू ने तेलुगू में किये गए ट्वीट में कहा, ‘‘मुझे वैकुंठम श्रृंखला परिसर से स्वामी दर्शन के लिये जाने में खुशी मिली यद्यपि उपराष्ट्रपति के तौर पर मुझे दर्शन के लिये ‘महाद्वारम' से जाना था। उनके सामने सभी समान और साधारण हैं।'' उन्होंने कहा कि उन्होंने भगवान से ‘‘देश और लोगों की खुशहाली के लिये प्रार्थना की।''

नायडू की भगवान वेंकटेश्वर में अगाध श्रद्धा है। वह सोमवार शाम यहां पहुंचे। इससे पहले उन्होंने यहां से 15 किमी दूर रेनीगुंटा हवाईअड्डे के निकट करीब 100 करोड़ रूपए की लागत से पर्यटन मंत्रालय द्वारा बनाए गए इंडियन कलिनरी इंस्टीट्यूट का उद्घाटन किया था। मंदिर के सूत्रों ने पीटीआई-भाषा को बताया कि पौ फटते ही नायडू मंदिर गए जहां करीब 20 मिनट तक रहे।

मंदिर में उनका गर्मजोशी से स्वागत किया गया। पुजारी और तिरुमला तिरुपति देवस्थानम (टीटीडी) के अधिकारी उन्हें गर्भगृह में ले गए। तिरुपति से रवाना होने से पहले वह कुछ स्थानीय कार्यक्रमों में भी शामिल हुए। इस बीच मंगलवार को तमिलनाडु के मुख्यमंत्री के. पलानीस्वामी ने भी मंदिर में दर्शन किए। उन्होंने टीटीडी के अतिथिगृह में नायडू से मुलाकात भी की।