काठमांडो: नेपाल - भारत संबंधों पर विशिष्ट जन समूह (द एमिनेंट पर्सन्स ग्रुप ऑन नेपाल - इंडिया रिलेशन्स) में वर्ष 1950 की महत्वपूर्ण शांति एवं मित्रता संधि समेत अतीत में भारत और नेपाल के बीच हुए सभी द्विपक्षीय समझौतों और संधियों को दोनों देशों की वर्तमान वास्तविकता के मुताबिक अद्यतन करने पर सहमति बनी है। काठमांडो में कल बैठक के समापन के बाद तैयार की गई संयुक्त रिपोर्ट में विशिष्ट जनसमूह (EPG) के सदस्य इस सहमति पर पहुंचे हैं।

EPG का गठन जनवरी 2016 में किया गया था और इसका काम नेपाल - भारत मित्रता संधि 1950 समेत द्विपक्षीय संबंधों के विभिन्न पहलुओं की समीक्षा करना है। EPG की ओर से जारी वक्तव्य के मुताबिक समूह जल्द ही भारत तथा नेपाल के प्रधानमंत्री को रिपोर्ट सौंपेगा। ‘माई रिपब्लिका' ने EPG नेपाल के समन्वयक भेख बहादुर थापा के हवाले से बताया,‘‘ यह विभिन्न द्विपक्षीय मुद्दों की समीक्षा करने और उनका समाधान निकालने की दिशा में एक कदम है। हम सर्वसम्मति से एक संयुक्त रिपोर्ट बना पाए हैं। आगे के काम के लिए इसने एक ठोस जमीन तैयार की है।'' समूह में नेपाल और भारत के चार-चार सदस्य हैं।

नेपाल की ओर से समूह में थापा, नीलाम्बर आचार्य, सूर्यनाथ उपाध्याय और रंजन भट्टराई हैं। भारत के सदस्यों में भगत सिंह कोश्यारी, महेंद्र पी लामा, जयंत प्रसाद और बीसी उप्रेती शामिल हैं। EPG की पहले की बैठकों में नेपाली पक्ष ने नेपाल-भारत शांति एवं मित्रता संधि 1950 की समीक्षा की जरूरत से संबंधित तथ्य पेश किए थे ताकि इसमें समय और हालात की जरूरत के मुताबिक बदलाव किए जा सकें। दोनों पक्षों में इस बात पर सहमति बनी थी कि नेपाल और भारत की सरकार को सुझाव दिया जाएगा कि 1950 की संधि के स्थान पर नई संधि की जाए।

नेपाल तथा भारत के बीच करीबी रणनीतिक संबंध स्थापित करने के लिए वर्ष 1950 में द्विपक्षीय संधि की गई थी। EPG का गठन भारत और नेपाल की सरकार ने दोनों देशों के बीच विस्तृत संबंधों की समीक्षा तथा द्विपक्षीय समझौतों तथा संधियों को अद्यतन करने के उद्देश्य से किया था।