लक्जमबर्ग सिटी : विदेश मंत्री सुषमा स्वराज ने आज लक्जमबर्ग के प्रधानमंत्री जेवियर बेट्टल से भेंट की तथा उनके साथ व्यापार एवं निवेश, अंतरिक्ष, डिजिटल भारत एवं दोनों देशों के लोगों के बीच मेल-जोल जैसे क्षेत्रों में द्विपक्षीय सहयोग बढ़ाने के तौर तरीकों पर चर्चा की।

चार देशों की अपनी यात्रा के तीसरे चरण में मंगलवार को यहां पहुंचीं सुषमा स्वराज लक्जमबर्ग की यात्रा करने वाली भारत की पहली विदेश मंत्री बन गयी हैं।

विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रवीश कुमार ने ट्वीट किया, "कार्यक्रम सुबह ही शुरू हो गया। बड़े ही दोस्ताना माहौल में विदेश मंत्री ने भारत के मित्र लक्जमबर्ग के प्रधानमंत्री जेवियन बेट्टल के साथ भेंट की। उनकी चर्चा व्यापार एवं निवेश, अंतरिक्ष, डिजिटल इंडिया और दोनों देशों के लोगों के बीच मेल-जोल जैसे विषयों पर केंद्रित रही।''

रवीश कुमार के अनुसार, उन्होंने लक्जमबर्ग के ग्रांड ड्यूक (शाही परिवार के प्रमुख) हेनरी गैब्रियल फेलिक्स मैरी गुइलौमे से शिष्टाचार भेंट की। सुषमा ने उनके साथ भारत एवं लक्जबमबर्ग के बीच 70 साल पुराने कूटनीतिक संबंधों को और मजबूत करने और अपने द्विपक्षीय संबंधों को नयी ऊंचाई प्रदान करने पर चर्चा की।

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सुषमा लक्जमबर्ग के विदेश एवं यूरोपीय विषयक मंत्री जीन एस्सेलबोर्न के साथ भी सार्थक वार्ता की। दोनों नेताओं ने व्यापार एवं निवेश, इस्पात एवं अंतरिक्ष में सहयोग पर चर्चा की एवं भारत-यूरोपीय संबंधों को मजबूती प्रदान करने पर विचार विमर्श किया।

भारत एवं लक्जमबर्ग अपने कूटनीतिक रिश्ते का 70 वां साल मना रहे हैं। सुषमा स्वराज फ्रांस से दो दिवसीय यात्रा पर यहां पहुंची थीं। फ्रांस में उन्होंने शीर्ष फ्रांसीसी नेतृत्व से मुलाकात की और अपने सम्मान में आयोजित एक अभिनंदन समारोह में प्रवासी भारतीयों को संबोधित किया। उससे पहले अपनी यात्रा के पहले चरण में इटली पहुंची थी। सुषमा स्वराज अपनी यात्रा के आखिर चरण में 20-23 जून को बेल्जियम में रहेंगी।