पेरिस : भारत की विदेश मंत्री सुषमा स्वराज अपनी दो दिवसीय दौरे के तहत सोमवार को पेरिस पहुंचीं। यहां पर फ्रांस के राष्ट्रपति इमानुएल मैक्रों के दौरे के दौरान फ्रांस और भारत के बीच हुए समझौते की प्रगति की समीक्षा की जाएगी।

अपने चार वर्ष के कार्यकाल में सुषमा स्वराज पहली बार फ्रांस का दौरा कर रही हैं। इस दौरान वह अपने फ्रांसीसी समकक्ष जीन य्वेस ले ड्रियन के साथ चर्चा करेंगी और राष्ट्रपति मैक्रों से भी मुलाकात कर सकती हैं।

ले ड्रियन के साथ चर्चा मुख्यत: दोनों पक्षों द्वारा समझौते की गति पर केंद्रित होगी। इस दौरान लॉजिस्टिक्स पर चर्चा होगी, जिससे दोनों देशों के सैन्य बलों की एक-दूसरे के सैन्य प्रतिष्ठानों पर पहुंच सुनिश्चित हो जाए।

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दोनों मंत्री महत्वपूर्ण समझौते की प्रगति की भी समीक्षा करेंगे। इस दौरान नई दिल्ली में मैक्रों द्वारा किए गए समझौते के तहत शैक्षणिक डिग्रियां और प्रमाणपत्र की पारस्परिक मान्यता और 'एग्रीमेंट ऑन मोबिलिटी' पर चर्चा की जाएगी।

सुषमा भारत के साथ पड़ोसी देशों के संबंध के विकास के मुद्दे पर भी चर्चा करेंगी, खासकर पाकिस्तान और चीन के साथ संबंधों की चर्चा की जाएगी। इसके साथ ही भारत आतंकवाद पर भी फ्रांस के साथ वार्ता करेगा।

दोनों नेता सीरिया, ईरान ओर अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और उत्तर कोरिया के शीर्ष नेता किम जोंग-उन के बीच हुई वार्ता की भी समीक्षा करेंगे। भारत व यूरोपीय संघ समेत अमेरिका और इसके कई सहयोगियों के बीच बढ़ते व्यापारिक संकट पर भी वार्ता के दौरान चर्चा हो सकती है।

सुषमा निर्माणाधीन भारतीय संस्कृति केंद्र को स्वामी विवेकानंद को समर्पित करेंगी। अपने प्रवास के दौरान वह फ्रांस में भारतीय प्रवासियों को संबोधित करेंगी और इसके साथ ही पेरिस में इंडिया हाउस की 50वीं वर्षगांठ पर इसका अवलोकन करेंगी।

-आईएएनएस