मॉस्को : रूस के विदेश मंत्री सर्गेइ लावरोव और ईरान के उनके समकक्ष मोहम्मद जवाद जरीफ ने बुधवार को ईरान के परमाणु कार्यक्रम को लेकर बहुपक्षीय समझौते के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराई।

समाचार एजेंसी के मुताबिक, आधिकारिक रूप से संयुक्त समग्र कार्ययोजना (जेसीपीओए) समझौते के रूप में पहचाने जाने वाले इस समझौते के तहत दोनों ने अपने दायित्वों को पूरा करने की प्रतिबद्धता दोहराई।

दोनों की ओर से जारी एक संयुक्त बयान के मुताबिक, "अमेरिका की गतिविधियों से जेसीपीओए समझौते का क्रियान्वयन बाधित हो सकता है, जिससे अंतर्राष्ट्रीय एवं क्षेत्रीय सुरक्षा और स्थिरता बनाए रखने के कार्य में मुश्किल खड़ी हो सकती है और परमाणु अप्रसार के क्षेत्र में बहुपक्षीय प्रयासों पर नकारात्मक प्रभाव पड़ सकता है।"

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ईरान, जर्मनी और संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के पांच स्थाई सदस्यों - ब्रिटेन, चीन, फ्रांस, रूस और अमेरिका के बीच जुलाई 2015 में जेसीपीओए समझौता हुआ था।

इस समझौते के तहत ईरान आर्थिक मदद और खुद पर लगे अंतर्राष्ट्रीय प्रतिबंधों को हटाने की एवज में अपने परमाणु हथियार कार्यक्रमों को रोकने पर सहमत हुआ था।

अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अक्टूबर 2017 में इस समझौते को रद्द करने का आह्वान करते हुए ईरान पर समझौते का कई बार उल्लंघन करने का आरोप लगाया था, जिसे ईरान ने सिरे से खारिज कर दिया था।

-आईएएनएस