दमिश्क : रुस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन इस सप्ताह अचानक सीरिया दौरे पर पहुंचे। पुतिन ने रुसी सैनिकों की वापसी का आदेश दे दिया है, जिसके बाद मंगलवार से उनकी घर वापसी शुरू हो गई है। पुतिन का कहना है कि इन सैनिकों का अभियान पूरा हो चुका है।

पुतिन ने कहा कि मास्को और दमिश्क ने आतंकी संगठन इस्लामिक स्टेट (आइएस) को तबाह करने के लक्ष्य को हासिल कर लिया है। यह घोषणा पुतिन ने सीरिया के लटाकिया प्रांत में हेमीमीम स्थित रूसी एयरबेस पर की।

उन्होंने सीरिया के राष्ट्रपति बशर अल-असद से बातचीत की और रूसी सैनिकों को संबोधित भी किया। पुतिन का सीरिया के लिए पहला दौरा है। यह ऐसे मौके पर हो रहा है जब रूसी वायुसेना के संरक्षण में राष्ट्रपति बशर असद की सरकार ने सीरिया के ज्यादातर इलाकों पर फिर से नियंत्रण कर लिया है।

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दूसरी तरफ सीरिया के लिए संयुक्त राष्ट्र के शांति दूत ने रुस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन से, उनके सहयोगी दमिश्क को युद्ध प्रभावित देश में नए चुनाव कराने के लिए समझाने का साहस करने का आह्वान किया है।

जिनीवा में शांति वार्ता में मध्यस्थता कर रहे स्टाफन डी मिस्तूरा ने कहा कि राष्ट्रपति बशर अल असद के लिए सीरिया में छह साल से चल रहे गृह युद्ध में सैन्य विजय ही पर्याप्त नहीं है बल्कि शांति के लिए उन्हें चुनाव कराने की जरुरत है।

डी मिस्तूरा ने स्विस आरटीएस टेलीविजन से कहा, सीधे तौर पर राजनीतिक प्रक्रिया की जरुरत है, जिसमें नए संविधान और नए चुनाव के लिए हर व्यक्ति शामिल हो। रुस ने सीरिया में जारी संघर्ष में साल 2015 में हस्तक्षेप किया और सरकारी बलों को हवाई तथा जमीनी सहयोग मुहैया कराया। यह सहयोग उन विद्रोहियों के खिलाफ लड़ाई में दिया गया जिन्हें मास्को और दमिश्क ने आतंकी समूह कहा।

असद के शासन के खिलाफ मार्च 2011 में संघर्ष शुरू होने के बाद से सीरिया में कम से कम 340,000 लोगों की जान जा चुकी है।