मुंबई : यूं तो गर्मियों में सूरज और उसकी तपा देने वाली गर्मी परेशान करके रख देती है लेकिन इसी मौसम में आने वाला फलों का राजा आम इस तकलीफ को कुछ कम कर देता है। विशेषज्ञों की मानें तो आम सेहत के लिए फायदेमंद होता है लेकिन इसका सेवन सीमित मात्रा में ही किया जाना चाहिए क्योंकि यह फल उच्च कैलोरी वाला है जिससे सेहत संबंधी समस्याएं हो सकती हैं।

आम के कई प्रकार होते हैं मसलन अल्फांसो , चौंसा , लंगड़ा और केसर। इनका इस्तेमाल भी अलग - अलग तरीके से होता है। शहर के पेनिनसुला रेडपाइन होटल में एग्जिक्यूटिव शेफ रफी शेख ने बताया कि रेस्टोरेंट क्षेत्र में मिलने वाले आम से अलग - अलग किस्म के पकवान बनाते हैं। उन्होंने बताया कि महाराष्ट्र में अल्फांसों से आमरस , कर्नाटक में बदामी आम से ‘ माविना हन्निना गोज्जू ', ‘ मैंगो रस ' करी बनाई जाती है जबकि चौंसा , लंगड़ा और दशहरी से खीर , फिरनी , रबड़ी और श्रीखंड बनाया जाता है।

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दिल्ली में पंचोली वेलनेस क्लिनिक में न्यूट्रिशनिस्ट और कॉस्मेटोलॉजिस्ट प्रीति सेठ ने बताया कि आम सेहत के लिए कितना फायदेमंद है यह हमेशा से बहस का विषय रहा है क्योंकि इसमें शर्करा और कैलोरी बहुत ज्यादा होती है। मधुमेह के पीड़ितों को आम का सीमित मात्रा में सेवन करने की सलाह दी जाती है। स्टेप ऑन फिटनेस सेंटर के संस्थापक और फिटनेस एक्सपर्ट मनदीप सिंह ने बताया कि आम का उचित मात्रा में सेवन करने से वजन घटाने में मदद मिलती है।

अधिक मात्रा में आम के सेवन या डेयरी उत्पाद के साथ इसका सेवन करने से वजन बढ़ता है। उन्होंने बताया कि आम में एंटी - ऑक्सिडेंट गुण होते हैं और यह कोलेस्ट्रॉल स्तर को बनाए रखने में मददगार होता है। आयरन और कैल्शियम की मात्रा इसमें खासी होती है जो हड्डियों के लिए अच्छा है। इससे रोग प्रतिरोधक क्षमता भी बढ़ती है। विशेषज्ञों के मुताबिक जैविक रूप से उगाए जाने वाले आमों की मांग बढ़ रही है क्योंकि उन्हें कृत्रिम रूप से नहीं पकाया जाता। इनमें रसायनों का इस्तेमाल भी नहीं होता है।