नई दिल्ली: औपनिवेशिक शासकों द्वारा गन्ने की खेती के लिए बिहार और उत्तर प्रदेश से विदेश ले जाए गए गिरमिटिया बंधुआ मजदूरों की दर्दभरी दास्तान अब एक नये एनिमेशन वीडियो में बयां की गयी है।

‘गिरमिटिया कंत्राकी' नाम की इस परियोजना में एम्सटर्डम में रहने वाले एक पॉप गायक ने एक गाना गाया है जिनके परदादा को भी बंधुआ मजदूरी के लिए सूरीनाम ले जाया गया था। उस समय सूरीनाम डच उपनिवेश था।

इस विषय पर किताबें लिखी जा चुकी हैं और डॉक्यूमेंटरी बनायी जा चुकी हैं, यह संभवत: पहली बार है जब उन मजदूरों के संघर्षों को श्रद्धांजलि देते हुए उनकी भावुक कहानी को बयां करने की इस तरह की कोशिश की गयी है जिनके बहुत सारे वंशजों ने जीवन के विभिन्न क्षेत्रों में बड़ी उंचाइयां हासिल की हैं।

राष्ट्रीय पुरस्कार विजेता अभिनेता नितिन चंद्र ने परियोजना को मूर्त रुप दिया है जिन्होंने एनिमेशन के लिए स्टोरी बोडिंग सहित विषय पर गहन शोध किया।

उन्होंने कहा, ‘‘19वीं सदी के मध्य से करीब 1920 तक लाखों भारतीयों को विभिन्न ब्रिटिश, डच और फ्रेंच उपनिवेशों में बंधुआ मजदूरी के लिए ले जाया गया था। इनमें से अधिकतर बिहार और उत्तर प्रदेश के थे।'' चंद्र ने कहा, ‘‘यह वीडियो उन सभी को समर्पित है जिन्हें बाहर ले जाया गया और साथ ही उनकी अदम्य भावना को सलाम करता है जो उनके वंशजों को भी विरासत में मिली है।'' उन्होंने कहा कि वीडियो में राज मोहन (गायक) ने भोजपुरी में गाना गाया है। इस भाषा का चयन इसलिए किया गया कि अधिकतर मजदूर भोजपुरी भाषी क्षेत्र के ही थे और अपने घर से दूर होने पर भी उन्होंने उसकी भाषा एवं संस्कृति को सहेजकर रखा।