जयपुर: हिंदुस्तान में डिजिटल इंडिया की धूम मचाने वाले पीएम मोदी को शायद ये खबर असहज करेगी। केंद्रीय वित्तराज्य मंत्री अर्जुन मेघवाल ने सरकार को जाने अनजाने सच का आईना दिखाया है। हुआ यूं कि मंत्रीजी बीकानेर के ढोलिया गांव के दौरे पर थे, वहां के लोगों ने शिकायत की कि उनके अस्पताल में नर्स नहीं हैं। अर्जुन मेघवाल ने तुरंत अपना मोबाइल निकाला और सीएमओ से बात करने की कोशिश करने लगे, मंत्रीजी हलो हलो ...करते रहे, लेकिन उधर से आवाज ही नहीं आई। सिग्नल गुल होने की वजह से मंत्रीजी की बात नहीं हो पा रही थी।

ऐसे में कुछ लोगों ने मंत्रीजी को सलाह दी कि ऊंचाई पर सिग्नल मिल सकता है। फिर क्या था, आनन फानन में मंत्री ने सीढ़ी मंगवाई और चढ़ गए पेड़ के सहारे। हालांकि मंत्री अर्जुन मेघवाल की दाद देनी होगी। आखिरकार उन्होंने सीएमओ से संपर्क साध ही लिया और उन्हें नर्स नियुक्त करने का आदेश दिया।

घटना से गांव वाले तो खुश हुए कि उनका काम हो गया। लेकिन अनजाने ही मंत्रीजी केंद्र सरकार की डिजिटल इंडिया की पोल खोल दी। बता दें, अर्जुन मेघवाल वही नेता हैं जो पर्यावरण को लेकर लोगों को जागरूक करने के लिए साइकिल से ही संसद जाते रहे हैं। दलित वर्ग से जुड़े मेघवाल की पहचान तेजतर्रार नेता के रूप में है। पर्यावरण संरक्षण के हितैषी मेघवाल को अक्सर साइकिल से संसद जाते हुए देखा जा सकता है। वह बीकानेर से सांसद हैं।