ब्राजील में रिसर्चर्स एक ऐसे ट्रीटमेंट पर काम कर रहे हैं जिसमें जले हुए मरीजों के ऊपर मछली की स्किन लगाई जाती है। वैसे जलने पर ज्यादातर इंसानी स्किन या सूअर की स्किन का इस्तेमाल होता है, लेकिन ब्राजील के हॉस्पिटल में स्पलाई की कमी के कारण फिश स्किन को इस्तेमाल किया जा रहा है।

डॉक्टर्स तिलपिया नाम की मछली को इसके लिए इस्तेमाल कर रहे हैं। साइंटिस्ट का दावा है कि फिश स्किन भी एक बेहतर विकल्प है। इसमें घाव को जल्दी ठीक करने की क्वालिटी होती है, और क्रीम ट्रीटमेंट से इसकी कीमत 75 फीसदी कम है। इसकी मदद से मरीज के दर्द को कम किया जाता है।

इससे पहले फ्रोजेन पिग स्किन और ह्यूमन टिश्यू भी इलाज के लिए इस्तेमाल होते रहे हैं।

रिसर्च कर रहे डॉक्टर को उम्मीद है कि दूसरे देशों में भी इस तरीके का इस्तेमाल किया जा सकेगा।

हालांकि, अभी इस मेथड को मान्यता नहीं मिली है और इसे क्लिनिकल ट्रायल ही बताया जा रहा है,लेकिन साइंटिस्ट को उम्मीद है कि जल्द ही ये एक बेहतर विकल्प हो सकता है।