विकाराबाद : एमआरपीएस के अध्यक्ष मंदकृष्णा मादिगा ने तेलंगाना के मुख्यमंत्री के.चंद्रशेखर राव पर दलितों के प्रति भेदभाव करने का गंभीर आरोप लगाया है। उन्होंने मार्पल्ली मंडल मुख्यालय में स्थानीय एमआरपीएस नेताओं के साथ आयोजित एक कार्यक्रम में कहा कि केसीआर ने चुनाव के वक्त दलित को नए राज्य का मुख्यमंत्री बनाने का आश्वासन दिया था, लेकिन बाद में खुद मुख्यमंत्री बनकर दलितों के साथ विश्वासघात किया है।

उन्होंने केंद्र सरकार पर अनुसूचित जाति व जनजाति कानून को निष्क्रिय बनाने की दिशा में कार्रवाई करने का आरोप लगाया। मंदकृष्णा ने कहा कि दलितों को अपने संवैधानिक अधिकारों के संरक्षण के लिए एकजुट होने की जरूरत है। उन्होंने बताया कि एट्रासिटी कानून को निष्क्रिय होने से बचाने के लिए एमआरपीएस कश्मीर से लेकर कन्याकुमारी तक दलितों को एकजुट करने के लिए प्रयास करेगा।

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इसी के तहत 15 अगस्त को अनुसूजित जाति, जनजाति के तत्वावधान में दिल्ली में बड़े पैमाने पर धरना कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा और इस कार्यक्रम को सफल बनाने के लिए दलितों को आगे आने की आवश्यकता है। मंदकृष्णा ने कहा कि पिछले दिनों जुबान फिसलकर भगवान श्रीराम के खिलाफ टिप्पणी करने वाले कत्ती महेश को छह महीने के लिए नगर से बहिष्कार करना दलितों के प्रति सरकार का रुख स्पष्ट होता है।

उन्होंने स्वामी परिपूर्णानंद के वर्ष 2017 में साईबाबा की आलोचना करने के एक वर्ष बाद उन्हें नगर से बहिष्कार किया गया है, जोकि तर्कसंगत नहीं है। उन्होंने कहा कि एमआरपीएस के 23 वर्षों के संघर्ष की बदौलत ही सरकारें विकलांगों को 1500 रुपये का पेंशन और विधवाओं को 1000 रुपये का पेंशन दे रही हैं।