हैदराबाद : आम तौर पर नौकरी करने पर हर महीने वेतन दिया जाता है, लेकिन भारत को पहला विश्वकप दिलाने वाले क्रिकेट लिजेंड्री कपिल देव के मामले में ऐसा नहीं हुआ। इस दिग्गज क्रिकेटर को नौकरी करने के करीब तीन दशक बाद वेतन मिला।

वर्ष 1978 में भारत की तरफ से अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट में कदम रखने वाले कपिल देव को मोदी स्पिनिंग एंड वीविंग कंपनी प्रबंधन ने 1979 में एक नौकरी दी थी। इस महान ऑलराउंडर ने 1979 से 1982 तक इस कंपनी में नौकरी भी की। परंतु उन्होंने कुछ ही महीने की सैलरी ली थी।

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मोदी स्पिनिंग्स एंड वीविंग कंपनी प्रबंधन ने हाल ही में कपिल देव का बकाया वेतन 2.75 लाख रुपये कपिल देव के खाते में जमा करवाया है। कंपनी प्रबंधक राजेंद्र शर्मा ने बताया कि वर्ष 1979 में कंपनी के तत्कालीन निदेशक व क्रिकेट एडमिनिस्ट्रेटर वाईके मोदी के कहने पर कपिल देव ने मोदी ग्रुप में काम किया था। सैलरी तो दूर उन्होंने पीएफ तक नहीं लिया था। कंपनी ने पिछले दिनों कपिल देव की सैलरी का सेटिलमेंट कर पूरी राशि उनके खाते में जमा कर दी है।