निझनी नोवोगोरोड : उरुग्वे का मजबूत डिफेंस शुक्रवार को निझनी नोवोगोरोड स्टेडियम में आखिरकार ढह गया। फ्रांस ने उरुग्वे के डिफेंस को भेदते हुए 2-0 से जीत हासिल कर फीफा विश्व कप के 21वें संस्करण के सेमीफाइनल में जगह बना ली।

फ्रांस 2006 के बाद से पहली बार विश्व कप के अंतिम-4 में पहुंचने में सफल रहा है। वह छठी बार क्वार्टर फाइनल की बाधा पार करने में भी कामयाब रहा है।

यह मैच एक तरह से दोनों टीमों के कड़े डिफेंस की परीक्षा था। पूरी उम्मीद थी कि दोनों टीमें अपनी विपक्षी आक्रमण पंक्ति को ज्यादा मौके नहीं देंगी। सूरतेहाल भी यही रहा। फ्रांस की टीम हालांकि उरुग्वे से थोड़ा बेहतर साबित हुई और इसलिए जीत उसकी झोली में आई।

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उरुग्वे को अपने चोटिल स्ट्राइकर एडिसन कावानी की कमी जरूर खली जो चोट के कारण इस मैच में नहीं उतरे। असर यह हुआ कि उनके न रहने से लुइस सुआरेज को फ्रांस के डिफेंस ने कमजोर कर दिया।

फ्रांस और उरुग्वे की टीमें ज्यादा मौके नहीं बना पाईं और जो मौके बने, वो भी ज्यादा करीबी नहीं थे। कुछ हद तक फ्रांस ने उरुग्वे के डिफेंस को ज्यादा आजमाया। फ्रांस के खिलाड़ी उरुग्वे के घेरे में जाने की कोशिशें कर रहे थे, लेकिन डिएगो गोडिन के नेतृत्व वाला डिफेंस दीवार की तरह खड़ा थो जो मौकों को फिनिश नहीं होने दे रहा था।

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15वें मिनट में फ्रांस के कीलियन म्बापे ने गोल के सामने से गेंद को नेट में डालने का मौका गंवा दिया। 35वें मिनट में भी फ्रांस के पास मौका था और इस बार उसके लिए अच्छी बात यह थी कि उरुग्वे के खिलाड़ी पेनाल्टी एरिया में ज्यादा करीब नहीं थे। पॉल पोग्बा ने बाएं तरफ से गेंद को पेनाल्टी एरिया में डाला लेकिन एंटोनी ग्रीजमैन और ओलिविएर जिरोड वहां गेंद को लेने के लिए मौजूद नहीं थे।

आखिरकार 40वें मिनट में डिफेंडर राफेल वारन ने उरुग्वे के डिफेंस को चालाकी से भेद दिया। इस मिनट में फ्रांस को फ्री किक मिली जिसे ग्रीजमैन ने बॉक्स में डाला। वरान ने उरुग्वे के डिफेंडरों के सामने से आकर हेडर के जरिए गेंद को नेट में डाल फ्रांस को 1-0 से आगे कर दिया।

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बराबरी का मौका उरुग्वे को भी मिला था। 44वें मिनट में उरुग्वे के हिस्से कॉर्नर आया। टोरेरिया की किक पर काकेरस ने हेडर लगाया। लेकिन, फ्रांस के गोलकीपर ह्यूगो लोरिस ने डाइव मार उरुग्वे से यह मौका छीन लिया।

दूसरे हाफ में उरुग्वे की कोशिश बराबरी करने की थी। इसी कारण उसने अपनी रणनीति में थोड़ा बदलाव किया और अटैक करना शुरू किया। हालांकि फ्रांस के मजबूत डिफेंस को भेदना अकेले सुआरेज के बस की बात नहीं थी।

उरुग्वे की टीम गोल करने की कोशिश में लगी थी। इसी बीच उरुग्वे के गोलकीपर फर्नाडो मुसलेरा की गलती ने फ्रांस को दूसरा गोल दिया। ग्रीजमैन ने बॉक्स के बाहर से शॉट लिया जो सीधा मुसलेरा के हाथों में गया लेकिन उनके हाथ झटक गए और गेंद नेट में चली गई और इसी के साथ 61वें मिनट में 1998 की विजेता 2-0 से आगे हो गई।

फ्रांस के लिए अब जरूरी था कि वह समय निकाले और गेंद को अपने पास ज्यादा रखे। आखिरी के 10 मिनट फ्रांस ने यही किया। उसने अपने डिफेंस को और मजबूत करते हुए उरुग्वे को एक भी गोल नहीं करने दिया।