सोची : यूरोपीय चैंपियन पुर्तगाल फीफा विश्व कप 2018 में कल यहां जब पड़ोसी स्पेन के खिलाफ अपने अभियान की शुरुआत करेगा तो सभी की निगाहें क्रिस्टियानो रोनाल्डो पर टिकी रहेंगी जो अपने चमकदार करियर में विश्व कप ट्राफी हासिल करने का संभवत: आखिरी प्रयास करेंगे। स्पेन की टीम इस मैच में कोच जुलेन लोपेटेगुइ को अचानक बर्खास्त किये जाने के फैसले को भुलाकर मैदान पर उतरेगी।

लोपेटेगुइ को रीयाल मैड्रिड से जुड़ने जा रहे हैं जो रोनाल्डो का क्लब है। यही नहीं स्पेन के छह खिलाड़ी भी इस क्लब से जुड़े हुए हैं और इसलिए जब 33 वर्षीय रोनाल्डो अपने क्लब के साथियों के खिलाफ नजर आएंगे तो यह दिलचस्प नजारा होगा। रोनाल्डो हालांकि अभी क्लब के बारे में नहीं बल्कि विश्व कप के बारे में सोच रहे हैं क्योंकि उनके नाम पर अगर कोई ट्राफी दर्ज नहीं है तो वह विश्व कप है। पुर्तगाल को खिताब का प्रबल दावेदार माना रहा है। उसने दो साल पहले फ्रांस को हराकर यूरोपीय खिताब जीता था।

रोनाल्डो भले ही अब 33 साल के हैं लेकिन वह शारीरिक तौर पर मजबूत हैं और वर्तमान बैलन डिओर विजेता है। वह जब तक चाहें तब तक खेल सकते हैं लेकिन 2022 में अपने पांचवें विश्व कप में उनकी वापसी की कल्पना करना मुश्किल है। अगर उन्हें अपने नाम के आगे विश्व कप विजेता जोड़ना है तो यह सर्वश्रेष्ठ मौका है। इससे बेहतर क्या हो सकता है कि पुर्तगाल अपने पड़ोसी के खिलाफ जीत दर्ज करके ग्रुप बी में शीर्ष स्थान हासिल करे जिसमें ईरान और मोरक्को दो अन्य टीमें हैं। पुर्तगाल के उनके साथी जोओ मारियो ने कहा, ‘‘निश्चित तौर पर क्रिस्टियानो रोनाल्डो अभी दुनिया के सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ी है और वह इस विश्व कप में शीर्ष खिलाड़ी रहेगा। उसको बयां करने के लिये कोई शब्द नहीं हैं।''

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पुर्तगाल ने इससे पहले जब किसी बड़े टूर्नामेंट में स्पेन को हराया था तब रोनाल्डो उस मैच में खेले थे। यूरो 2004 के ग्रुप चरण के इस मैच में पुर्तगाल ने 1-0 से जीत दर्ज की थी। वह तब केवल 19 साल के थे और अब वह अपने देश की तरफ से सर्वाधिक गोल करने वाले खिलाड़ियों में शामिल हैं। रोनाल्डो के नाम पर 81 गोल दर्ज है। अल्जीरिया के खिलाफ हाल के मैत्री मैच में उन्होंने अपना 150वां मैच खेला। यूरो 2016 के फाइनल में वह केवल 25 मिनट खेल पाये थे और चोटिल होने के कारण उन्हें बाहर बैठना पड़ा था।

तब इडेर के अतिरिक्त समय के गोल से पुर्तगाल चैंपियन बना था। विश्व कप में अब तक रोनाल्डो तीन टूर्नामेंट में केवल तीन गोल कर पाये हैं और वह रूस में अपना रिकार्ड सुधारने के लिये निश्चित तौर पर प्रतिबद्ध होंगे। पुर्तगाल को इसके बाद ईरान और मोरक्को की अपेक्षाकृत कमजोर टीमों का सामना करना है।

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पुर्तगाल और स्पेन के खिलाड़ी एक दूसरे के खेल को अच्छी तरह से समझते हैं और ऐसे में यह मुकाबला रोमांचक होने की संभावना है। यह देखना भी दिलचस्प होगा कि स्पेन की टीम कोच को शुरुआती मैच से दो दिन पहले बर्खास्त किये जाने से उबर पाती है या नहीं। यह उसके नये कोच फर्नांडो हिरेरो के लिये भी परीक्षा का समय होगा जिन्हें कम समय में बड़ी भूमिका निभानी होगी।