केपटाउन: वेर्नोन फिलेंडर के छह विकेटों के दम पर दक्षिण अफ्रीका क्रिकेट टीम ने सोमवार को भारत को पहले टेस्ट मैच में 72 रनों से हरा दिया।न्यूलैंड्स क्रिकेट मैदान पर खेले गए तीन टेस्ट मैचों की सीरीज के पहले टेस्ट को जीत कर दक्षिण अफ्रीका ने 1-0 की बढ़त हासिल कर ली है।

दक्षिण अफ्रीका की ओर से मिले 208 रनों के लक्ष्य को हासिल करने में नाकाम रही भारतीय टीम की दूसरी पारी 135 रनों पर ही सिमट गई। भारत के खिलाफ पहले टेस्ट मैच में दक्षिण अफ्रीका की जीत में फिलेंडर के अलावा दो-दो विकेट हासिल करने वाले कगीसो रबादा और मोर्ने मोर्कल की भी अहम भूमिका रही।

इस टेस्ट मैच में टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करते हुए दक्षिण अफ्रीका ने पहली पारी में अब्राहम डिविलियर्स (65) और कप्तान फाफ डु प्लेसिस (62) की अर्धशतकीय पारियों के दम पर 286 रनों का स्कोर खड़ा किया था। भुवनेश्वर कुमार ने सबसे अधिक चार विकेट लिए थे, वहीं रविचंद्रन अश्विन को दो सफलता मिली थी। मोहम्मद शमी, जसप्रीत बुमराह और हार्दि पांड्या को भी एक-एक विकेट मिला।

इसके बाद भारत ने अपनी पहली पारी में 209 रन बनाए। हार्दिक पांड्या ने सबसे अधिक 93 रनों की पारी खेली। इस पारी में फिलेंडर और रबादा ने तीन-तीन विकेट हासिल किए, वहीं डेल स्टेन और मोर्केल को दो-दो सफलता मिली। दक्षिण अफ्रीका की दूसरी पारी भारत ने 130 रनों पर ही समेट दी थी।

मेजबान टीम को सस्ते में समेटने में मोहम्मद शमी (3/28) और जसप्रीत बुमराह (3/39) के अलावा, भुवनेश्वर कुमार (2/33) और हार्दिक पांड्या (2/27) ने अहम भूमिका निभाई। दोनों टीमों के बीच दूसरा टेस्ट मैच 13 जनवरी से सेंचुरियन के सुपर स्पोर्ट पार्क में खेला जाएगा।

मोर्केल, रबादा और फिलेंडर ने सोमवार को पहले टेस्ट मैच के चौथे दिन चायकाल तक दक्षिण अफ्रीका की ओर से 208 रनों के लक्ष्य को हासिल करने उतरी भारतीय टीम के सात बल्लेबाजों को आउट कर उसकी कमर तोड़ दी।

दक्षिण अफ्रीका की दूसरी पारी 130 रनों पर समेटने के बाद 208 रनों के लक्ष्य को हासिल करने उतरी भारतीय टीम का पहला विकेट 30 के कुलयोग पर शिखर धवन (16) के रूप में गिरा। उन्हें मोर्केल की गेंद पर क्रिस मोरिस ने कैच आउट किया। इसी स्कोर पर फिलेंडर ने मेहमान टीम को दूसरा झटका भी दिया।

फिलेंडर ने 30 के कुल स्कोर पर ही सलामी बल्लेबाज मुरली विजय (13) को अब्राहम डिविलियर्स के हाथों कैच आउट कर पवेलियन का रास्ता दिखाया।

इसके बाद टीम की पारी संभालने आए टेस्ट प्रारूप के दिग्गज बल्लेबाज चेतेश्वर पुजारा (4) और कप्तान विराट कोहली (28) ने नौ रन ही जोड़े थे कि पुजारा 39 के स्कोर पर मोर्केल की गेंद पर विकेट के पीछे क्विंटन डी कॉक की गेंद पर लपके गए।

कोहली ने इसके बाद रोहित शर्मा (10) के साथ मिलकर 32 रनों की साझेदारी कर टीम को किसी तरह 71 के स्कोर पर पहुंचाया। इस स्कोर पर फिलेंडर ने कोहली को पगबाधा आउट कर इस साझेदारी को मजबूत होने से पहले ही तोड़ दिया। 71 के स्कोर पर रोहित भी आउट हो सकते थे, लेकिन रबादा की गेंद पर मिले कैच को छोड़कर केशव महाराज ने रोहित को जीवनदान दिया।

इस जीवनदान का रोहित सही इस्तेमाल नहीं कर पाए और भाग्य ने दोबारा उनका साथ नहीं दिया। फिलेंडर ने उन्हें अगले ही ओवर में बोल्ड कर भारतीय टीम का पांचवां विकेट भी गिरा दिया।

रोहित के बाद मैदान पर रिद्धिमान साहा (8) का साथ देने आए हरफनमौला खिलाड़ी हार्दिक पांड्या (1) 77 के स्कोर पर रबादा की गेंद पर डिविलियर्स के हाथों लपके गए।

अश्विन और साहा ने पांच रन जोड़े ही थे कि रबादा ने साहा को पगबाधा आउट कर पवेलियन का रास्ता दिखाया। इसके साथ ही दूसरे सत्र के समापन की घोषणा कर दी गई।

भारतीय टीम 82 के कुल स्कोर पर अपने सात विकेट गंवा चुकी है और जीत के लिए उसे 126 रनों की जरूरत है, लेकिन अपने सभी अहम बल्लेबाजों को खो चुकी मेहमान टीम के पास अब केवल तीन विकेट बाकी हैं।

इससे पहले, मेजबान टीम को सस्ते में समेटने में मोहम्मद शमी (3/28) और जसप्रीत बुमराह (3/39) के अलावा, भुवनेश्वर कुमार (2/33) और हार्दिक पांड्या (2/27) ने अहम भूमिका निभाई।

तीसरे दिन का खेल बारिश के कारण बाधित रहा था। अपने दूसरे दिन के स्कोर दो विकेट पर 65 रनों से आगे खेलने उतरी दक्षिण अफ्रीका की टीम भारतीय गेंदबाजों के आगे बेबस नजर आई 65 रन जोड़कर पवेलियन लौट गई। 41.2 ओवरों का सामना करने वाली मेजबान टीम ने अपने आठ विकेट 65 रनों पर गंवा दिए।

इस पारी में दक्षिण अफ्रीका के लिए डिविलियर्स ने सबसे अधिक 35 रन बनाए। इसके अलावा, एडम मकरम ने 34 और डीन एल्गर ने 25 रनों का योगदान दिया। इसके अलावा, कोई भी बल्लेबाज दहाई का आंकड़ा भी पार नहीं कर पाया।