आज भारतीय क्रिकेटर रमन लांबा का आज जन्मदिन है। इस भारतीय ओपनर का जन्म 2 जनवरी 1960 को उतर प्रदेश के मेरठ में हुआ था। केवल 38 साल की उम्र में वो इस दुनिया को छोड़ कर चले गए थे। चलिए जानते हैं ऐसी कुछ बातें जो रमन लांबा के बारे में कम ही लोग जानते हैं।

पहली ही सीरीज में छाए

रैंबो के उपनाम से मशहूर लांबा ने 1986 में ऑस्ट्रेलिया कप में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ पदार्पण किया था और पहले मैच में ही 64 रनों की पारी खेली थी। लांबा ने इस पूरी सीरीज में शानदार बल्लेबाजी की और 55.60 की औसत से दो अर्धशतक और एक शतक की मदद से 278 रन बनाए और मैन ऑफ द सीरीज चुने गए थे। उन्होंने भारत के लिए कुल 32 एकदिवसीय मैच खेले और 27 की औसत से 783 रन बनाए, जिसमें एक शतक और छह अर्धशतक शामिल हैं।

ट्रॉफी के साथ रमन
ट्रॉफी के साथ रमन

बैट से बॉलर पर किया था हमला

ये भारतीय क्रिकेट इतिहास का एक ऐसा किस्सा है जब रमन लांबा पर 10 महीने का बैन लग गया था। 1990-91 का दिलीफ ट्रॉफी फाइनल खेला जा रहा था। राशीद पटेल और रमन लांबा के बीच पूरे मैच में एक-दूसरे से खींचतान जारी थी, लेकिन अंतिम दिन की दोपहर को एक ऐसी घटना घटी जिसके बारे में किसी ने सोचा भी नहीं था।

पहली पारी में 180 रन बनाने वाले लांबा ने पटेल को कुछ कह दिया, इसके बाद तो पटेल अपने आपे से बाहर हो गए। इसके बाद पहले उऩ्होंने लांबा पर एक बीमर फेंरी और फिर एक स्टंप उखाड़ कर लांबा पर हमला कर दिया। अपना बचाव करने के लिए लांबा ने भी अपने बल्ले का इस्तेमाल किया और फिर मैच देख रही भीड़ ने दंगा करना शुरू कर दिया और मैच को बीच में ही रोकना पड़ा। इसके बाद लांबा पर 10 महीने और पटेल पर 13 महीनों के लिए बैन लगाया गया।

मैच खेलते-खेलते कह दिया अलविदा

क्रिकेट के जुनूनी इस खिलाड़ी ने क्रिकेट के मैदान पर खेलते हुए दम तोड़ा था, लेकिन उनकी मौत स्वाभाविक नहीं थी। फील्डिंग के दौरान दुर्घटनावश गेंद से लगी चोट के कारण ही उनकी जान चली गई। उनकी मौत ने क्रिकेट जगत को स्तब्ध कर दिया। लांबा 20 फरवरी, 1998 को ढाका में बांग्लादेश के क्रिकेट क्लब अबाहानी क्रइरा चाकरा के लिए खेल रहे थे। क्लब का मैच मोहम्माडन स्पोर्टिग के खिलाफ था। वहीं फील्डिंग के दौरान गेंद उनके सिर में लगी और तीन दिन बाद उनका निधन हो गया।