नई दिल्ली : अनुभवी तेज गेंदबाज आशीष नेहरा ने न्यूजीलैंड के खिलाफ एक नवंबर को अपने घरेलू मैदान फिरोजशाह कोटला पर होने वाले पहले टी-20 अंतरराष्ट्रीय मैच के बाद प्रतिस्पर्धी क्रिकेट से संन्यास लेने का फैसला किया है।

बीसीसीआई के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि नेहरा ने मुख्य कोच रवि शास्त्री और कप्तान विराट कोहली को अपने इस फैसले के बारे में बता दिया है। आईसीसी 2018 में विश्व टी-20 का आयोजन नहीं करेगा और ऐसे में नेहरा ने टीम प्रबंधन से कह दिया है कि यह उचित होगा कि अच्छा प्रदर्शन कर रहे जूनियर खिलाड़ियों को मौके मिलें।

माना जा रहा है कि नेहरा अगले सत्र में इंडियन प्रीमियर लीग में भी हिस्सा नहीं लेंगे। मोहम्मद अजहरुद्दीन के नेतृत्व में 1999 में भारत की ओर से पदार्पण करने वाले नेहरा ने 17 टेस्ट, 120 एकदिवसीय और 26 टी-20 अंतरराष्ट्रीय मैच खेले। उन्होंने टेस्ट मैचों में 44, वनडे में 157 और टी-20 अंतरराष्ट्रीय में 34 विकेट चटकाए।

वरिष्ठ अधिकारी ने कहा, "हां, आशीष ने रवि और विराट दोनों से कहा है कि वह एक नवंबर से आगे नहीं खेलना चाहते जिस दिन भारत फिरोजशाह कोटला में न्यूजीलैंड से भिड़ेगा। बेशक, यह हैरान करने वाला है। सोचा गया था कि वह श्रीलंका के खिलाफ घरेलू सत्र तक खेलना जारी रखेंगे, लेकिन उन्हें लगता है कि यह आगे बढ़ने का सही समय है।

नेहरा को हाल में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ तीन टी-20 अंतरराष्ट्रीय मैचों की श्रृंखला के लिए भारतीय टीम में चुना गया था, लेकिन उस समय सभी को हैरानी हुई जब पहले दो मैचों के लिए उन्हें अंतिम एकादश में जगह नहीं मिली।

अधिकारी ने कहा, भुवनेश्वर कुमार और जसप्रीत बुमराह फार्म में हैं और आशीष को लगता है कि टीम हित में यह उचित होगा कि वे जारी रखें। कोटला टी-20 नेहरा को चोटों से प्रभावित करियर को घरेलू मैदान पर खत्म करने का मौका देगा।

नेहरा को 2003 विश्व कप में डरबन में इंग्लैंड के खिलाफ मैच में 23 रन देकर छह विकेट चटकाने के लिए याद किया जाता है। वह बीमार होने के बावजूद इस मैच में खेले थे और शानदार प्रदर्शन किया था। वह विश्व कप 2011 जीतने वाली भारतीय टीम का भी हिस्सा थे और पाकिस्तान के खिलाफ सेमीफाइनल में उन्होंने शानदार प्रदर्शन किया था। वह हालांकि अंगुली में फ्रेक्चर के कारण फाइनल में नहीं खेले थे।