नई दिल्ली : भारत के सलामी बल्लेबाज गौतम गंभीर पर शनिवार को घरेलू क्रिकेट में चार मैच का प्रतिबंध लगा दिया गया है।

उनके ऊपर लगे इस प्रतिबंध का कारण इसी साल विजय हजारे ट्रॉफी में दिल्ली टीम के कोच भास्कर पिल्लई के साथ हुए विवाद है।

न्यायाधीश विक्रमजीत सेन द्वारा बनाए गई मदन लाल, राजेंद्र राठौर और सोनी सिंह की स्वतंत्र समिति ने गंभीर को गंभीर दुर्व्यवहार का दोषी पाया है। समिति ने हालांकि गंभीर पर लगे दो साल के प्रतिबंध को खत्म कर दिया है जो मार्च 2019 में खत्म होता।

ये भी पढ़े :

चैम्पियंस ट्रॉफी में महामुकाबला, खिताबी जंग में भारत-पाकिस्तान के बीच टक्कर

जहीर ने कहा, पकिस्तान के पास है भारत से बदला लेने का मौका

विजय हजारे ट्रॉफी के दौरान गंभीर ने भास्कर पर युवा खिलाड़ियों के लिए सही माहौल न बनाने का आरोप लगया था। इसके बाद डीडीसीए ने इस मामले की जांच के लिए समिति का गठन किया था। सेन ने एक बयान में कहा है, "समिति ने जो उसके सामने तथ्य आए और हालात बने उसको मानते हुए गंभीर के पिल्लई के खिलाफ रवैये को पूर्व नियोजित तरीके से कोच का अपमान करने वाला पाया है।"

उन्होंने कहा, "कोच का पद टीम के सदस्यों में बेहद सम्मानजनक होता है। यह कोच का टीम के सामने उसके एक सीनियर खिलाड़ी द्वारा किया अपमान था।" उन्होंने कहा, "गंभीर का बर्ताव सोचा समझा था और इसलिए यह नहीं कहा जा सकता कि वह टीम के हित में था।"