शिमला : हिमाचल प्रदेश ओलम्पिक खेलों की मशाल रैली को शनिवार को हिमाचल प्रदेश ओलंपिक संघ (एचपीओए) के अध्यक्ष अनुराग ठाकुर और प्रदेश के राज्यपाल आचार्य देवव्रत ने रिज से हरी झंडी दिखाते हुए आगे के लिए रवाना किया।

मशाल के साथ खिलाड़ी
मशाल के साथ खिलाड़ी


इस मौके पर ओलंपियन और अर्जुन पुरस्कार से सम्मानित मुक्केबाज शिव थापा, मनोज कुमार, सुमित सांगवान और धर्मेंद्र सिंह यादव भी मौजूद थे।

ओलंपिक का प्रतीक चिन्ह ओलंपिक मशाल को हिमाचल प्रदेश के प्रमुख जिलों में ले जाया जाएगा। यह मशाल सोलन, पावंटा साहिब, ऊना, नूरपुर, कांगड़ा, जोगिंदर नगर, कुल्लू, मंडी, बिलासपुर का सफर तय करेगी और हमीरपुर में समाप्त होगी, जहां पर 22 से 25 जून तक राज्य ओलंपिक खेलों का आयोजन किया जाएगा।

इस राज्य ओलम्पिक खेलों में 11 खेलों के मुकाबले होंगे, जिनमें हॉकी, एथलेटिक्स, मुक्केबाजी, बास्केटबॉल, जूडो, कबड्डी, वॉलीबॉल, कुश्ती, खो-खो, भारोत्तोलन और निशानेबाजी शामिल हैं।

इस अवसर पर अनुराग ठाकुर ने कहा, "हम भारत की अगली ओलंपियन पीढ़ी के लिए नई लौ को प्रज्वलित करने की दिशा में एक नई यात्रा की शुरूआत कर रहे हैं। मेरा राज्य हिमाचल छोटा है, लेकिन आज हमने खिलाड़ियों के लिए एक नई यात्रा की शुरूआत के लिए एक बड़ी छलांग लगाई है, जो कि भारत के लिए ओलंपिक स्वर्ण पदक लाएंगे। हिमाचल के युवाओं को सीमाओं से लेकर खेल के मैदान तक कोई नहीं रोक सकता है।"

इस मौके पर राज्यपाल ने कहा, " हिमाचल प्रदेश को देव भूमि और वीर भूमि के तौर पर जाना जाता है और अब इसे खेल भूमि के तौर पर भी मान्यता मिल रही है। मैं इस आयोजन को सफल बनाने के लिए आप सभी को बधाई देता हूं।"

इस अवसर पर उपस्थित ओलंपियनों ने इस दूरदर्शी पहल की सराहना की।