हैदराबाद : क्रिकेट जगत में 'मिस्टर डिपेंडेबुल' और 'दि वॉल' के नाम से मशहुर भारतीय क्रिकेट खिलाड़ी और पूर्व कप्तान राहुल द्रविड़ का आज जन्मदिन है और आज के दिन जानते हैं भारत में क्रिकेट की दीवार कहे जाने वाले राहुल द्रविड़ के बारे में कुछ दिलचस्प तथ्य....

राहुल द्रविड़ के पिता ‘किसान’ कारखाने में काम करते थे, जहाँ जैम बनता था। इसी कारण राहुल द्रविड़ का एक उपनाम “जैम्मी” पड़ा। साथ ही राहुल द्रविड़ ने किसान के लिए एक विज्ञापन में अभिनय भी किया था।

टेस्ट मैच में दोहरा शतक जड़ने के बाद दर्शकों का अभिवादन स्वीकार करते हुए राहुल द्रविड़
टेस्ट मैच में दोहरा शतक जड़ने के बाद दर्शकों का अभिवादन स्वीकार करते हुए राहुल द्रविड़

* विश्व में एक गैर विकेटकीपर (184) के द्वारा कैचों की अधिकतम संख्या का रिकॉर्ड द्रविड़ के नाम पर है।

* राहुल लगातार चार टेस्ट-मैच पारी में शतक बनाने वाले अकेले भारतीय खिलाडी हैं।

* 2004 में द्रविड़ को भारत सरकार द्वारा पद्म श्री से सम्मानित किया गया। 7 सितम्बर 2004 को उन्हें अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद द्वारा वर्ष के इनाग्रल खिलाडी और वर्ष के टेस्ट खिलाडी का पुरस्कार दिया गया था।

सौरव गांगुली के साथ राहुल द्रविड़
सौरव गांगुली के साथ राहुल द्रविड़

* राहुल द्रविड़ भी ऑस्ट्रेलिया के स्टीव वॉ, दक्षिण अफ्रीका के गैरी कर्स्टन और टीम के साथी सचिन तेंदुलकर के सभी नौ टेस्ट खेलने वाले देशों के खिलाफ एक शतक लगाने के विशिष्ट क्लब में शामिल हैं।

* राहुल द्रविड़ 1999 के विश्वकप में सर्वाधिक 461 रन बनाए थे।

* क्रिकेट में आने से पहले द्रविड़ हॉकी खेला करते थे और द्रविड़ को कर्नाटक के जूनियर राज्य टीम के लिए चयनित भी किया गया था।

* 120 लगातार वनडे में उन्हें डक आउट नहीं किया जा सकने का रिकार्ड बनाया है।

* राहुल टेस्ट इतिहास में अधिकतम शतकों की साझेदारियों में शामिल रहें हैं। सर्वाधिक 76 शतकीय साझेदारियां द्रविड़ के नाम हैं।

* देश से बाहर भारत के लिए किसी भी विकेट के लिए सर्वोच्च साझेदारी में शामिल रहे हैं, ये साझेदारी 2006 में लाहौर में पकिस्तान के खिलाफ वीरेंद्र सहवाग के साथ बनाये गए, इस साझेदारी में 410 रन बनाये गए।

* एकदिवसीय क्रिकेट के इतिहास में सबसे ज्यादा साझेदारी में शामिल रहे हैं, उन्होंने 1999-2000 में हैदराबाद में सचिन तेंदुलकर के साथ न्यूज़ीलैंड के खिलाफ 331 रनों की साझेदारी की।

* राहुल द्रविड़ पहले कप्तान हैं, जिनके नेतृत्व में भारत ने दक्षिण अफ्रीका को उसी की धरती पर टेस्ट मैच में हरा दिया था।