12-07-2018, गुरुवार

ऊलपल्ली, पूर्वी गोदावरी जिला

आज सुबह पदयात्रा शुरू करने के दौरान आकाश में घने बादलों के छाए होने से बूंदाबूंदी हो रही थी। पूरी रात बारिश होने से सभी सड़कें कीचड़ से भर गई थी। इसके बावजूद सड़कों पर लोग मेरे लिए इंतजार में बड़ी संख्या में खड़े थे। ऊलपल्लिलंका गांव पार करने के दौरान कई मजदूर मेरा इंतजार करते दिखे। केवल मुझे देखने, मिलने और बातें करने के लिए एक दीन काम छोड़कर आए थे। भारी बारिश के बाद भी मुझसे मिलने की उनकी इच्छाशक्ति और प्यार ने मुझे एक तरह से बांध दिया। चाहता हूं। बढ़ा होने के बाद मुझे एक नौकरी दिलवाइए। मैं अपनी मां का अच्छा देखबाल करना चाहता हूं।' उस छोटे भाई के विश्वास पर सलाम करना चाहिए।

पट्टा किसान सत्यनारायण ने अपना दुखड़ा सुनाते हुए बोला, 'पिछले वर्ष दो एकड़ जमीन पट्टे पर लेकर उसमें धान बोया था, लेकिन फसल की अच्छी पैदावार के बाद भी उचित दाम नहीं मिलने की वजह से मुझे करीब 40 हजार रुपये का नुकसान हुआ। बैंकों के ऋण नहीं देने, सूधखोरों से अधिक ब्याज पर कर्ज लेना और दलालों की व्यवस्था ही उसके नुकसान की वजह हैं। उधर, बाबू की सरकार पट्टा किसानों को बड़े पैमाने पर ऋण देने के दावे कर रही है, लेकिन हम लोगों में से किसी को बैंक ऋण नहीं मिला है। कम से कम आपके सत्ता में आने के बाद तो पट्टा किसानों को बैंकों से ऋण दिलवाइए।

राज्य का खाद्या भंडारण कहे जाने वाले गोदावरी डेल्टा क्षेत्र के किसानों की हालत अगर ऐसी है तो बाकी क्षेत्रों में और कितनी बदतर हो सकता है। कृषि को व्यर्थ बताने वाले चंद्रबाबू जब भी सरकार में आए हैं, तब पूरे राज्य में सूखे जैसी स्थिति उत्पन्न होने के अलावा किसानों की मुश्किलें बढ़ गई हैं।

मुख्यमंत्रीजी के लिए मेरा एक प्रश्न है... आपके चुनावी घोषणा पत्र में प्रमुख कृषि वैज्ञानिक डॉ.एम.एस. स्वामिनाथन की कृषि रिपोर्ट्स का अनुसरण कर न्यूनतम दर घोषित करने का गांव-गांव प्रचार किया गया। चार साल तक भाजपा से दोस्ती के दौरान 29 बार दिल्ली दौरा करने की बात खुद आपने बताई थी, परंतु क्या आपने एक बार भी केंद्र से किसानों को मुनाफा पहुंचाने वाले दाम मुहैया कराने के लिये कभी कहा या पत्र लिखा था? पट्टा किसानों को पहचान पत्र वितरित कर ऋण सुविधा मुहैया कराने को लेकर आपके चुनावी घोषणा पत्र में दिया हुआ आश्वासन कहां गया ?

वाईएस जगन