05.07.2018, गुरुवार

जगन्नायकुलपालेम, पूर्वी गोदावरी जिला

पदयात्रा के दौरान लोगों ने बताया कि पिताजी के कल्याकारी योजनाओं और विकास कार्यक्रम से उनके जीवन में कैसे-कैसे रोशनी ले आई। पिता जी के अच्छे कामों के कारण वे लोगों के दिलों में बस गये। लोगों की ये बात सुनकर मुझे भी लोगों के लिए कर दिखाने की स्फूर्ति आई। इंजरानी गांव की बहन कुडिपूडी सूर्यावती ने बताया कि वाईएसआर हमारे लिए भगवान है। दिल की बीमारी आई। इलाज के लिए लाखों रुपये की जरूरत थी। हमने जीने का भरोसा ही छोड़ दिया था। उसी समय पिताजी की आरोग्यश्री योजना आई। यह योजना हमारे लिए वरदान साबित हुई। जान बच गयी। अब परिवार के साथ है तो उसका श्रेय भगवान वाईएसआर को जाता है। यह सुनकर मेरा मन आनंद से भर गया।

मतभेद भूलकर

आज बहन राधिका पति के साथ साथ पदयात्रा में भाग लिया। उसने बताया कि वाईएसआर के कारण उसका परिवार कैसे लाभान्वित हुआ। पूरा परिवार वाईएसआर का आभारी है। उसकी बहन सत्यवाणी ने वर्ष 2005 में हुए चुनाव में नौकरी को इस्तीफा देकर टीडीपी की टिकट पर चुनाव लड़ा। इस चुनाव में वह हार गई। नौकरी चले जाने के कारण परिवार पर जीवन गुजारने का संकट आ गया। तब पिल्ली सुभाषचंद्र बोस ने उस बहन की हालत के बारे में पिताजी को बतायी। पिताजी ने उसकी हालत पर तरस खाते हुए एक कदम आगे बढ़ाया। उसे फिर से नौकरी दिलाई। विपक्ष की ओर से चुनाव लड़ने पर भी वाईएसआर ने उस बहन के प्रति भेदभाव नहीं किया। इस तरह उसने पिताजी के महान कार्यों को याद किया और आभार व्यक्त किया। मगर इन चार साल के शासनकाल को देखने लगता है कि राजनीतिक भेदभाव ही नजर आता है।

भेदभाव

मेरे साथ चले नेता और लोगों ने बताया कि वृद्ध, विकलांग और विधवाओं को पार्टी भेदभाव के कारण लाभान्वितों को पेंशन नहीं दिया जा रहा है। फीस पुनर्भुतान, आरोग्यश्री, 108 और 104 योजनाएं देश के लिए एक आदर्श बने थे। ऐसी महान योजनाओं को स्वरूप ही बदल दिया है। इतना ही नहीं पिताजी का नाम रोशन हो जाने के डर से लंबित परियोजनाओं को भी पूरा नहीं किया गया।

राजनीति और कल्याण

पिताजी कहते थे कि चुनाव के समय ही राजनीति। अन्य समय लोगों के कल्याण के लिए ही शासन करना चाहिए। मगर के. गंगवरम गांव के लोगों ने बताया कि सत्तापक्ष के नेताओं द्वारा अवैध रूप से झिंगा पालन से जल प्रदूषित हो गया है। पानी तो पीने के योग्य नहीं है। उस पानी से स्नान भी नहीं किया जा सकता है। यदि उस पाने को कोई पी ले तो बीमारी को दावत दी जैसा हो जाएगा।

झूठे मामले

यदि अन्याय के खिलाफ कोई आवाज उठाया तो झूठे मामले दर्ज किये जा रहे हैं। अवैध झिंगा पालन को रोकने के लिए जिलाधीश ने आदेश भी दिये। मगर उस आदेश का ही पालन नहीं हो रहा है। लोगों ने बताया कि पेट भरना ही मुश्किल है। पानी कैसे खरीदकर पीये? एक ओर पानी प्रदूषित है। दूसरी ओर सरकार भी पेयजल की आपूर्ति नहीं कर रही है। बेचारे लोग। लोग पानी कैसे पीये? कैसे जीये? इस सरकार में जरा सी भी इंसानियत नहीं है।

मुख्यमंत्री से मेरा एक सवाल

चुनावी घोषणापत्र में पेयजलापूर्ति के लिए अनेक आश्वासन दिये गये हैं। प्रदूषित जल क्षेत्रों की पहचान करके विशेष पेयजल सुविधा उपलब्ध कराने का आश्वासन दिया है। क्या आपने प्रदूषित जल वाले क्षेत्रों की पहचान करके विशेष जलापूर्ति की व्यवस्था की है? हर मकान को पेयजलापूर्ति करने का आश्वासन दिया है। चुनाव नजदीक है। कम से कम एक गांव के लिए तो भी जलापूर्ति की है? हर गांव को शुद्ध पेयजल, हर बस्ती में एक नल, दो रुपये में 20 लिटर मिनरल वॉटर देने के आश्वासनों का क्या हुआ है?

-वाईएस जगन