खजुराहो : मध्य प्रदेश में आगामी विधानसभा चुनाव के लिए बनाई गई चुनाव प्रचार अभियान समिति के प्रमुख ज्योतिरादित्य सिंधिया कार्यकर्ताओं के बीच एक मंजे हुए राजनीतिक खिलाड़ी की तरह नजर आने लगे हैं, हर कार्यकर्ता की बात सुनना और उसको नसीहत देना उनके राजनीतिक अंदाज में शुमार हो गया है।

खजुराहो में आयोजित चुनाव प्रचार समिति की बैठक के दौरान यह नजर भी आया। सामाजिक कार्यकर्ताओं ने जब उनके साथ फोटो सेशन का आग्रह किया तो सिंधिया ने खुद लोगों का मोबाइल लेकर उनके साथ सेल्फी ले डाली।

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चुनाव प्रचार अभियान की जिम्मेदारी मिलने के बाद पहली बार बुंदेलखंड प्रवास पर पहुंचे सिंधिया ने बुधवार को हर कार्यकर्ता की बात सुनी और उन्हें चुनावी टिप्स भी दिए। इस दौरान जो कार्यकर्ता उनसे मिला, उसे संतुष्ट करने में कोई कसर नहीं छोड़ी। उसके हर सवाल का जवाब दिया और सुझाव भी दिए।

सिंधिया से अधिवक्ताओं ने मुलाकात की और राज्य की स्थितियों पर खुलकर चर्चा की। कई अधिवक्ताओं ने आमजन की समस्याओं के साथ अपने पेशे की समस्याओं से उन्हें अवगत कराया। साथ ही राज्य सरकार की नीतियों को लेकर भी चर्चा की।

सामाजिक कार्यकर्ताओं से मुलाकात के दौरान सिंधिया ने खुलकर उनसे बात की। इतना ही नहीं जमीनी हकीकत जानने के अलावा उनसे सुझाव भी मांगे कि कांग्रेस को किस तरह से काम करना चाहिए। सिंधिया को बताया गया कि भाजपा अपने निचले स्तर के कार्यकर्ताओं को महत्व देती है, मगर कांग्रेस ऐसा नहीं कर पा रही है, सरकार द्वारा योजनाओं के प्रचार के लिए मीडिया का खूब उपयोग किया जा रहा है, मगर हकीकत कुछ और है। कांग्रेस को जमीनी स्तर पर जाकर उसका काउंटर करना चाहिए।

सामाजिक कार्यकर्ता उत्तम यादव ने जैसे ही सेल्फी की बात की, फिर क्या था सिंधिया ने एक कार्यकर्ता का फोन लेकर कहा, "आओ मैं तुम सारे लोगों के साथ सेल्फी लेता हूं।" सिंधिया ने एक नहीं कई सामाजिक कार्यकर्ताओं के साथ सेल्फी ली। सिंधिया के इस अंदाज ने तमाम सामाजिक कार्यकर्ताओं का दिल जीत दिया।

मछुआरा समाज के धनीराम रैकवार ने मछुआरों की समस्या से संबंधित एक ज्ञापन सौंपा और बताया कि जबलपुर और भोपाल के आसपास मछुआरों को अनुसूचित जाति का दर्जा प्राप्त है, वहीं बुंदेलखंड में मछुआरों को पिछड़ा माना जाता है। धनीराम ने मछुआरों को पूरे प्रदेश में अनुसूचित जाति में रखने की मांग की। इस ज्ञापन में कहा गया है कि तालाब तो मछुआरों के पास है मगर उसकी मछली और सिंघाड़ा को दबंग लूट लेते हैं।

सामाजिक कार्यकर्ता मुकेश यादव ने सिंधिया को बुंदेलखंड की पानी की समस्या से अवगत कराया। साथ ही कहा कि इस इलाके की नदियों का पानी उद्योगों को दिया जा रहा है, जबकि जनता को पीने के लिए भी पानी नहीं मिल पा रहा है। इस इलाके को पानी मिले इसके लिए जरूरी है कि उत्तर प्रदेश और मध्य प्रदेश के जल बंटवारे पर जोर दिया जाए।

अन्नम रक्षाम समिति की अध्यक्ष पूजा जायसवाल ने बताया कि उनकी संस्था शादी समारोहों में बचने वाले भोजन को इकट्ठा करती है, जिसके लिए फ्रीजर लगाए गए हैं, ताकि खाना खराब न हो और बाद में गरीबों को वितरित किया जाता है। इससे गरीबों को भी स्वादिष्ट भोजन का आनंद मिलता है।

सिंधिया सामाजिक कार्यकर्ताओं की चर्चा से काफी प्रभावित हुए और उनके बीच वे अपना उत्साह भी नहीं छुपा पाए। इसी उत्साह में साथ में फोटो खिंचवाई और सेल्फी भी कार्यकर्ताओं के साथ ली।