पटना: बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने यहां सोमवार को भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के साथ किसी भी प्रकार के मतभेद से इनकार करते हुए कहा कि बिहार में सरकार सही तरीके से चल रही है।

उन्होंने स्पष्ट करते हुए कहा कि सभी पार्टियां अपना विस्तार चाहती हैं इसलिए जद (यू) भी अपने विस्तार में लगा है, लेकिन बिहार के बाहर राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) को छोड़कर किसी और गठबंधन में शामिल होने का सवाल ही नहीं उठता।

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पूरे देश में लोकसभा और विधानसभा चुनाव के संबंध में नीतीश ने कहा, "हमलोग सैद्धांतिक रूप से इसके पहले से पक्षधर रहे हैं। यह एक बड़ा मुद्दा है और सभी राजनीतिक पार्टियों से बात कर एक राय बनानी होगी। अगर पूरे देश में एक साथ चुनाव होते हैं तो सरकार को कम से कम साढ़े चार साल काम करने का मौका मिलेगा।" उन्होंने हालांकि यह भी कहा कि यह अभी होना आसान नहीं है।

पटना में लोक संवाद कार्यक्रम में भाग लेने के बाद नीतीश ने संवाददाताओं से चर्चा करते हुए कहा, "सरकार में कोई मतभेद नहीं है। बिहार में सरकार सही तरीके से चल रही है। मैं और सुशील मोदी एक साथ बैठे हैं, कोई दूरी नजर आ रही है क्या?"

उन्होंने सीट बंटवारे को लेकर कहा, "इसे लेकर कोई 'डेडलाइन' नहीं है। हमें भी कोई हड़बड़ी नहीं है। समय आने पर तय कर लिया जाएगा।"

अस्वस्थ चल रहे राजद अध्यक्ष लालू प्रसाद का मुंबई के अस्पताल में ऑपरेशन होने के दौरान उनका हालचाल जानने के लिए नीतीश द्वारा फोन किए जाने पर हुए विवाद को लेकर उन्होंने कहा कि यह समाज के वातावरण को घृणित करने वाली बात है।

लालू प्रसाद का हालचाल जानने के बाद राजद नेता तेजस्वी यादव द्वारा निशाना बनाए जाने का जिक्र किए जाने पर नीतीश ने कहा कि मर्यादाहीन आचरण हुआ है। इससे आखिर समाज में क्या संदेश जाएगा।

उन्होंने कहा, "मैंने लालू का हालचाल जानने के लिए चार बार फोन किया, लेकिन हमारे फोन करने को लेकर काफी गलत बातें सामने आईं, जो बेहद गलत है।"

नीतीश ने कहा, "राजनीतिक विरोध हो सकता है, लेकिन क्या हम किसी की सेहत की जानकारी नहीं ले सकते हैं? इस बात को जिस तरह पेश किया गया वो आहत करने वाली है।"

जद (यू) अध्यक्ष ने एक बार फिर दोहराया, "हम किसी कीमत पर सांप्रदायिक माहौल खराब नहीं होने देंगे। हमलोग पूरी मर्यादा के साथ काम करते हैं।"

रविवार को केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह नवादा में सांप्रदायिक तनाव उत्पन्न करने के आरोपियों से मिलने जेल गए थे। इस बारे में पूछे जाने पर उन्होंने कहा कि केंद्रीय मंत्री का आरोपियों से मिलना गलत है। उन्होंने कहा कि कोई व्यक्ति अपनी राय दे सकता है और अगर कुछ गलत है तो उसके लिए न्यायालय है।

उल्लेखनीय है कि केंद्रीय मंत्री सिंह रविवार को नवादा जेल में जाकर आरोपियों से मिले थे और प्रशासन पर ऐसे लोगों को बेवजह परेशान करने का आरोप लगाया था। प्रशासन को शायद अनुमान भी नहीं रहा होगा कि वह जिन्हें दंगाई मानता है, वे केंद्रीय मंत्री के 'चहेते' हैं। लोकसभा चुनाव आते-आते ऐसे 'चहेतों' की भूमिका बढ़ जाएगी, क्योंकि इन्हीं की बदौलत भारत को 'न्यू इंडिया' बनना है।