नई दिल्ली : दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने उप राज्यपाल अनिल बैजल को लिखे पत्र में आश्चर्य जताया है कि दिल्ली सरकार और केंद्र के रिश्तों पर उच्चतम न्यायालय का फैसला स्वीकार करने में वह चुनिंदा ' रवैया कैसे अपना सकते हैं।

पत्र में केजरीवाल ने बैजल से शीर्ष अदालत के फैसले को पूर्णरूपेण लागू करने का अनुरोध किया है। इसमें जोर देकर कहा गया है कि केन्द्रीय गृह मंत्रालय के पास आदेश की व्याख्या करने का अधिकार नहीं है।

उन्होंने उप राज्यपाल से अनुरोध किया है कि किसी भी प्रकार के भ्रम की स्थिति के स्पष्टीकरण के लिए तुरंत उच्चतम न्यायालय से संपर्क करें , लेकिन कृपया शीर्ष अदालत के निर्णय का उल्लंघन नहीं करें।'' उन्होंने पत्र में कहा , आप इस निर्णय को लेकर चयनात्मक कैसे हो सकते हैं।

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इस मामले में आपको अपना रूख स्पष्ट करना चाहिए कि या तो आप सभी मामले को किसी नियमित पीठ के समक्ष रखेंगे, और इसलिए आप आदेश का कोई हिस्सा स्वीकार नहीं करेंगे।

या आपको इस निर्णय को पूरा स्वीकार करना चाहिए और इसे लागू करना चाहिए। '' केजरीवाल ने पत्र में कहा, आप कैसे कह सकते हैं कि आप आदेश का यह पैरा स्वीकार करेंगे , लेकिन उसी आदेश का वह पैरा नहीं स्वीकार करेंगे। '' केजरीवाल ने आज मुख्यमंत्री तीर्थ यात्रा योजना को मंजूरी दी जिसमें दिल्ली की प्रत्येक विधानसभा क्षेत्र के 1100 वरिष्ठ नागरिकों को मुफ्त में तीर्थयात्रा करायी जायेगी।

उन्होंने उपराज्यपाल की सभी आपत्तियों को दरकिनार कर दिया। केजरीवाल ने ट्वीट किया कि मुख्यमंत्री तीर्थ यात्रा योजना मंजूरी दे दी गयी है।