हैदराबाद: YSR की जयंती के अवसर पर सेवानिवृत्त IAS अधिकारी प्रभाकर रेड्डी ने अपने विचार साझा किए। उन्होंने कहा है कि YS राजशेखर रेड्डी एक कुशल प्रशासक थे। प्रशासक का एक आदर्श उदाहरण थे।

प्रभाकर रेड्डी ने कहा है कि YS राजशेखर रेड्डी प्रदेश में रहें या प्रदेश के बाहर, उन्होंने हर एक समस्या का समाधान करने का प्रयास किया था। मुख्यमंत्री राहत कोष के अंतर्गत लाभ प्राप्त करने के लिए आनेवाले पीड़ितों की समस्या सुनने के बाद उन्हें सहायता उपलब्ध कराते थे।

सेवानिवृत्त अधिकारी ने उदाहरण देते हुए आगे कहा है कि एक दिन दिल्ली में तत्कालीन प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह और संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन की अध्यक्ष सोनिया गांधी से YS राजशेखर रेड्डी ने मुलाकात की। उस समय केंद्रीय मंत्रियों और अन्य के साथ बैठक आयोजित की गई थी। बैठक के समापन में शाम देर हो गई। प्रभाकर रेड्डी ने उन्हें मुख्यमंत्री राहत कोष (CMRF) के अंतर्गत लेटर ऑफ क्रेडिट (LoC) का मुद्दा अगले दिन देखने की सलाह दी। इस पर YS राजशेखर रेड्डी ने कहा था कि वह काम पूरा करने के बाद ही वे नींद लेंगे। नींद के लिए LoC का काम रोकना उन्हें गंवारा नहीं था।

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YS राजशेखर रेड्डी का कहना था कि राहत कोष मंजूर होता है तो आर्थिक पिछड़ों को समय पर चिकित्सा सेवा प्राप्त हो सकती है। समस्या से घिरे आर्थिक पिछड़ों की सहायता करने में ही YS राजशेखर रेड्डी अपना राजधर्म समझते थे। उन्हें सलाह देने की घटना से प्रभाकर रेड्डी शर्मसार हुए। उन्होंने आगे कहा कि YS राजशेखर रेड्डी आर्थिक पिछड़ों के प्रति हमेशा सेवाभाव रखते थे।