पटना : केंद्रीय मंत्री और बीजेपी के फायर ब्रांड नेता गिरिराज सिंह रविवार को नवादा जेल पहुंचे। जहां उन्होंने बिहार दंगों के आरोपियों से 30 मिनट तक मुलाकात की। इन आरोपियों में बजरंग दल और विश्व हिन्दू परिषद के कार्यकर्ता शामिल हैं।

मुलाकात के बाद जेल से बाहर आए गिरिराज सिंह ने नीतीश सरकार पर हिन्दुओं को अपमानित करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि हिन्दुओं को अपमानित कर राज्य में साम्प्रदायिक सदभाव की बात नहीं कही जा सकती।

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दंगों के आरोप जितेन्द्र प्रताप और कैलाश विश्वकर्मा से मिलकर गिरिराज सिंह ने कहा कि 'जिस तरह से जीतू जी और कैलाश जी को फंसाया गया है, यह दुर्भाग्यपूर्ण है। जब साल 2017 में रामनवमी के दौरान तनाव हुआ था तो उन्होंने ही क्षेत्र में शांतिपूर्ण माहौल रखने के लिए प्रयास किया। अकबरपुर में जब मां दुर्गा की प्रतीमा तोड़ी गई तब भी उन्होंने ऐसा ही किया।'

गौरतलब हो कि अप्रैल 2017 में राम नवमी के दौरान हुई हिंसा के बाद पुलिस ने विभिन्न जिलों के कार्यकर्ताओं के खिलाफ मामला दर्ज किया था। अभी चार दिन पहले ही इस हिंसा में शामिल होने के आरोप में बजरंग दल के जितेंद्र प्रताप और विश्व हिंदू परिषद के कैलाश विश्वकर्मा को गिरफ्तार किया गया है।

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गिरिराज ने इन दोनों की गिरफ्तारी को दुर्भाग्यपूर्ण बताया। इससे कुछ दिनों पहले सीएम नीतीश कुमार ने कहा था कि जो लोग समाज को बांटने की कोशिश करेंगे वह उनके साथ किसी भी प्रकार का समझौता नहीं करेंगे।

गिरिराज सिंह ने बिहार सरकार पर आरोप लगाते हुए कहा कि यहां कि सरकार ने तो मन बना लिया है कि जबतक हिंदुओं को दबाया नहीं जाएगा तब तक सांप्रदायिक सौहार्द स्थापित ही नहीं होगा।