कैलेंडर में कुछ दिन ऐसे होते हैं जिन्हें याद रखने का एक अलग महत्व होता है। इन दिनों के कुछ अविस्मरणीय क्षण अन्य लोगों के जीवन पर अमीट छाप छोड़ जाते हैं। YS राजशेखर रेड्डी का व्यक्तित्व असामान्य था। उन्होंने सामाजिक एवं राजनीतिक क्षेत्रों में लाखों लोगों के दिलों में विशेष जगह बना ली।

आज का दिन डॉ.YSR के असीम कार्यों को याद करने का दिन है। लोग उन्हें हर दिन और पल पल याद रखेंगे। कुछ प्रशासक उनकी जीवनी को अमल में ला रहे हैं और उनके दिशा-निर्देशों पर सफलतापूर्वक कार्य कर रहे हैं। डॉ YSR की जयंती एक मील का पत्थर है। उन्होंने संयुक्त आंध्र प्रदेश में असंगठित लोगों को संगठित बनाए रखा था। यह सब YSR ही कर सकें। उन्होंने जनसंपर्क यात्रा के दौरान गरीबों से रू-ब-रू होते हुए उनकी समस्याओं की जानकारी ली और मुख्यमंत्री बनने के बाद पहले उन्होंने उनकी समस्याओं का समाधान करने पर जोर दिया था।

आज के दिन YSR के नाम की गूंज उठ रही है। उन्होंने अपने कार्यकाल में कल्याण योजनाओं को अमल में लाया है। आज भी लोग कल्याण योजनाओं से लाभान्वित हो रहे हैं। YSR ने आरोग्यश्री और जलयज्ञम परियोजनाओं को सफलतापूर्वक अमल में लाया। जलयज्ञम के माध्यम से सिंचाई जल उपलब्ध कराया।

क्षेत्रों को हरभरा कर दिया था। गरीब छात्रों के लिए शुल्क पुनर्रभुगतान, विधवाओं और विकलांगों के लिए पेंशन योजना, कर्जदार किसानों के लिए ऋणमाफी, फसलों की सिंचाई के लिए मुफ्त बिजली आपूर्ति, यह सभी कारगर योजनाएं रही। उनके सभी कल्याण कार्य राज्य के लोगों के लिए एक आदर्श बने हैं। विशेष कर किसानों के लिए योजनाएं कारगर बनी। यह योजनाएं अतुलनीय हैं।

उन्होंने परिवार के सदस्यों पर प्यार की बौछार की। विशेषकर बेटे YS जगन मोहन रेड्डी पर लंबे समय तक प्यार बरसाया। YSR एक ऐसे नेता रहे जिन्होंने गरिबों के उत्थान के लिए लगन से कड़ी मेहनत की। YSR एक ऐसे राजनेता थे, जिन्होंने राज्य में महत्वाकांक्षी विचारधाराओं को प्रजा प्रस्थानम यात्रा के माध्यम से लोगों में बांटा। राज्य में कांग्रेस पार्टी की जीत के लिए उन्होंने लंबी पदयात्रा पूरी की थी।

उन्होंने कड़ी धूप में भी प्रजा प्रस्थानम यात्रा के अंतर्गत संवेदनशील क्षेत्रों का दौरा किया था। उन क्षेत्रों के लोगों से समस्याओं की जानकारी लेते हुए आगे बढ़ रहे थे। जब YSR मुख्यमंत्री बनें, तब उन्होंने उन लोगों की समस्याओं का समाधान करने को लेकर प्राथमिकता दी थी। इस तरह का सामाजिक एवं राजनीतिक कार्य किसी अन्य नेता ने इससे पहले कभी नहीं किया था। लगातार दूसरी बार उन्होंने चुनाव में जीत हासिल की थी और मुख्यमंत्री बने थे

YSR के बाद दोनों तेलुगु राज्यों में कांग्रेस ने जनाधार खो दिया है। इसका ज्वलंत उदाहरण हमें दिखाई दे रहा है। तत्काल में उन्होंने जिस तरह से भविष्यवाणी की थी, उसके मुताबिक तेलुगु राज्यों में कांग्रेस ने अस्तित्व खो दिया है। लोगों के साथ उनका मेल-मिलाप अपने खुद के अंदाज में था।

YSR की जयंती पर आज आंध्र प्रदेश के लोग एक लाख कैंडल प्रज्ज्वलित करेंगे जिनकी रोशनी लोगों के दिलों में टिमटिमाती रहेगी, जिसे वे कभी नहीं भूल पाएंगे।