हैदराबाद : तेलंगाना में विश्व स्तर पर पहचानवाले पर्यटन स्थल हैं। प्राकृतिक सौंदर्य भरापुरा है। अद्भुत पुण्य क्षेत्र तेलंगाना में हैं। इन सभी क्षेत्रों का विकास तेलंगाना राज्य के गठन से पहले नहीं हुआ। कालेश्वरम में पुण्य क्षेत्र का महत्व कई और रहनेवाले शृंगेरी पीठाधिपति को मालूम होती है, लेकिन आंध्र प्रदेश के पूर्व सरकार को इसकी पहचान नहीं हुई। हमारा महत्व हमें नहीं समझ में आता है तो हम क्षेत्र का विकास क्या कर सकते हैं, इस तरह का मुख्यमंत्री चंद्रशेखर राव के मन में विचार आया। उन्होंने कहा कि संयुक्त आंध्र प्रदेश की सरकार द्वारा भूले तेलंगाना पर्यटन क्षेत्रों का विकास करते हुए विश्व स्तर पर पहचान बनाने के लिए कार्यप्रणाली के बारे में उन्होंने जानकारी दी।

कामारेड्डी शहर के निकट अड्लुरी एल्लारेड्डी तालाब का आधुनिकीकरण, तालाब का जलजमाव क्षेत्र बढ़ाने, टैंक बंड की तर्ज पर तालाब के किनारे सौंदर्यीकरण को बढ़ावा देने के संदर्भ में कामारेड्डी जिले के जनप्रतिनिधि, जिलाधीश और अधिकारियों के साथ उन्होंने प्रगति भवन में समीक्षा की।

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अवसर पर मुख्यमंत्री KCR ने कहा कि क्षेत्रफल के मुकाबले सिंगापुर बहुत ही छोटा देश है, लेकिन यहां पर नैसर्गिक संपदा का उपयोग कर इस देश को विश्व पटल पर विशेष स्थान प्राप्त हुआ। पर्यटन क्षेत्र में इस देश ने विश्व स्तर पर लोगों को आकर्षित किया है। इसी बुनियादी बातों को ध्यान में रखते हुए तेलंगाना में भी सहज उपलब्ध प्राकृतिक संपदा का उपयोग कर पर्यटन स्थलों का विकास किया जा रहा है। उन्होंने आगे कहा है कि तेलंगाना के विकास में पेयजल, सिंचाई जल, कृषि, विद्युत आदि को प्राथमिकता दी जा रही है। इसके अलावा चिकित्सा, शिक्षा क्षेत्र में भी विकास किया जा रहा है।