गन्नवरम (आंध्र प्रदेश) : वाईएसआरसीरपी के राजनीतिक सलाहकार समिति के सदस्य डॉक्टर दुट्टा रामचंद्र राव ने सरकार से मांग की है कि अनेक क्रांतिकारी कल्याण और विकास कार्यक्रमों के जरिए तेलुगु लोगों के दिलों में बसे दिवंगत मुख्यमंत्री वाईएस राजशेखर रेड्डी को भारत रत्न उपाधि से नवाजा जाए। रामचंद्र राव ने हनुमान जंक्शन में उनके निवास पर मीडिया से यह बात कही।

उन्होंने आगे कहा कि देश में विभिन्न क्षेत्रों में उत्तम सेवा करने वालों को प्रदान की जाने वाली भारत रत्न की उपाधि के लिए वाईएस राजशेखर रेड्डी हर तरह से योग्य है। उन्होंने याद दिलाया कि केंद्र सरकार ने राजनीतिक क्षेत्र में काम कर चुके मुख्यमंत्री के. कामराज, एम जी रामचंद्रन, उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री गोविंद वल्लभ पंत, असम के पूर्व मुख्यमंत्री गोपीनाथ बर्दोली को भारत रत्न की उपाधि दी गई है।

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दुट्टा रामचंद्र राव ने कहा कि इसी बात को ध्यान में रखते हुए अनेक ऐतिहासिक योजनाओं की अमलावरी करने वाले डॉ. वाईएस राजशेखर रेड्डीड को भारतरत्न की उपाधि दी जानी चाहिए। उन्होंने बताया कि वाईएसआर के दौरान अमलावरी में लाई गई आरोग्यश्री, फीस पुनर्भुतान, 108 सेवा, नि:शुल्क बिजली, सिंचाई जल परियोजनाएं जैसे अनेक योजनाएं देश के लिए आदर्श बन चुकी है।

उन्होंने कहा कि वाईएस राजशेखर रेड्डी द्वारा कड़ी धूप में 1,460 किलोमीटर तक पदयात्रा करने वाले देश के पहले नेता बने गये हैं। राजशेखर रेड्डी केवल नेता ही नहीं थे। वे एक महान राजनीतिज्ञ भी थे। वर्ष 1978 से 2009 तक हर चुनाव में जीत हासिल करने वाले पहले नेता बने हैं। वाईएसआर लगातार छह बार विधायक और चार बार सांसद भी चुने गये।

रामचंद्र राव ने घोषणा की कि लोगों की अपेक्षाओं और आकांक्षाओं के अनुसार शीघ्र ही तेलुगु राज्यों में एक करोड़ हस्ताक्षर अभियान चलाया जाएगा। इसके बाद वाईएसआर को भारत रत्न की उपाधि प्रदान करने के बारे में केंद्र सरकार और राष्ट्रपति को अवगत कराया जाएगा।