हैदराबाद : सीपीआई के राष्ट्रीय सचिव के नारायण ने कहा है कि भारतीय जनता पार्टी के बुरे दिन शुरू हो गए हैं। हाल में हुए चुनाव में भाजपा को हार का सामना करना पड़ा। भाजपा और मित्र पक्ष में अंतर बढ़ रहा है। पूर्व वैभव प्राप्त करने के लिए भाजपा सिने अभिनेत्री माधुरी दिक्षीत का सहयोग ले रही है। इसलिए आगामी चुनाव में भाजपा की हार होगी। उन्होंने आगे कहा है कि आरएसएस की बैठक में पूर्व राष्ट्रपति प्रणव मुखर्जी का शामिल होना, यह घटना अवसरवादी कहलाती है। सीपीआई के राष्ट्रीय सचिव नारायण ने आरोप लगाया है कि केंद्र के रवैये से देश के लोकतंत्र और संविधान पर खतरे के बादल मंडरा रहे है। भाजपा के रवैये का करारा जवाब देने के लिए सभी वामदलों को सीपीआई संगठित करेगी।

सचिव नारायण ने आरोप है कि फेडरल फ्रंट के नाम पर तेलंगाना के मुख्यमंत्री के चंद्रशेखर राव शिखंडी की भूमिका निभा रहे हैं। जिसे फेडरल फ्रंट कहा जा रहा है वह सही मायने में भाजपा बी फ्रंट है। तेरास को भाजपा प्रतिद्वंद्वी बताना चाह रही है। केंद्र का कहना है कि बय्यारम लोह उत्पाद फैक्ट्री का निर्माण नहीं हो सकेगा। उन्होंने सवाल किया है कि इस निर्माण को लेकर के चंद्रशेखर केंद्र पर दबाव क्यों नहीं बना रहे हैं। उन्होंने चुनौतीभरे शब्दों में आगे कहा है कि मुख्यमंत्री केसीआर को इस मुद्दे को लेकर केंद्र के खिलाफ संघर्ष क्यों नहीं कर रहे हैं। नारायण ने कहा है कि केसीआर दिल्ली जा कर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सामने घुटने टेक रहे हैं।

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सीपीआई के राष्ट्रीय सचिव ने कहा है कि निजाम शुगर फैक्ट्री को सरकारी क्षेत्र में शामिल कर लिया है। केसीआर को चाहिए कि वे किसानों की समस्या का समाधान करें। उन्होंने कहा है कि कालेश्वरम परियोजना के नाम पर केसीआर वोट बटोरने का प्रयास कर रहे हैं। तेलंगाना में तेरास का ग्राफ गिर गया है। उन्होंने याद दिलाया है कि तेलंगाना का विरोध करने वाले कैबिनेट में शामिल हैं।