हैदराबाद : कांग्रेस पार्टी के नेता ए. रेवंत रेड्डी ने कहा कि तेलंगाना के मुख्यमंत्री के तौर पर के. चंद्रशेखर राव तथा झूठा भाषण पढ़ने वाले राज्यपाल के लिये यह आखिरी विधानसभा सत्र होगा। दोनों सदनों में कांग्रेस नेताओं के खिलाफ की गई कार्रवाई पर कड़ी आपत्ति व्यक्त करते हुए रेवंत रेड्डी ने कहा कि अगले चुनाव में टीआरएस का लोगों के गुस्से का शिकार होना तय है। मंगलवार को विधानसभा परिसर में मीडिया प्वाइंट पर बोलते हुए रेवंत रेड्डी ने मुख्यमंत्री केसीआर के रवैये पर असंतोष व्यक्त किया।

उन्होंने कहा कि पिछले साढ़े तीन साल में राज्य में पांच हजार किसानों की मौत हो चुकी है। फसलों को समर्थन मूल्य नहीं मिल रहा है। राज्य के किसान इतनी दयनीय स्थिति में है, लेकिन राज्यपाल के अभिभाषण में इसका जिक्र तक नहीं किया गया है। उन्होंने कहा कि जनसमस्याओं को लेकर सरकार से सवाल पर कांग्रेस सदस्यों के खिलाफ कार्रवाई करना कहां तक सही है।

विरोध प्रकट करना हमारा अधिकार

उन्होंने कहा कि विरोध प्रकट करने के अधिकार को सरकार छीन नहीं सकती। उन्होंने कहा कि टीआरएस पार्टी वो दिन भूल गई है जब उसके नेताओं ने राज्यपाल पर हमला किया था। रेवंत ने यह भी कहा कि प्रदर्शनरत कांग्रेस नेताओं के खिलाफ कार्रवाई करने से पहले टीआरएस को यह नहीं भूलना चाहिए कि उसके सांसद भी संसद में अपना विरोध प्रकट कर रहे हैं।

स्वामी गौड़ पर नहीं हुआ हमला

रेवंत रेड्डी ने कहा कि विधान परिषद के चेयरमैन स्वामी गौड़ पर हमला नहीं हुआ है और सीएम केसीआर के ड्रामे के तहत इस तरह की खबरें प्रसारित की जा रही हैं। उन्होंने कहा कि स्वामी गौड़ की आंख में चोट आने की बात कर रहे हैं, लेकिन उसका वीडियो नहीं दिखाया गया। कम से कम सर्वदलीय नेताओं को उक्त वीडियो दिखाएंगे तो सच्चाई बाहर आएगी।

कांग्रेस नेता ने कहा कि विधानसभा मामलों के मंत्री टी. हरीश राव के इशारे पर सदन में पहुंचे मार्शल्स ने कांग्रेस सद्स्यों की पिटाई की है। रेवंत रेड्डी ने कहा कि सरकार का यह पूरा ड्रामा केवल पिछड़ी जातियों को कांग्रेस से दूर करने की चाल का एक हिस्सा है।

उन्होंने बताया कि कोमटी रेड्डी ने केसीआर को नलगोंडा में उनके खिलाफ चुनाव लड़ने चुनौती दी थी। इसीलिए कोमटी रेड्डी को लेकर टीआरएस तमतमाई हुई है। कांग्रेस नेता ने कहा स्वामी गौड़ ने खुद कहा कि मुख्यमंत्री के आदेशा पर ही उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जोकि मुख्यमंत्री के ड्रामे की एक कड़ी है।

गायब हैं रेवंत रेड्डी

विधानसभा सत्र के पहले दिन से ही कांग्रेस सदस्यों का उग्र आंदोलन करना, दूसरे दिन भी निलंबन का शिकार होना और उसके तुरंत बाद सामूहिक रूप से इस्तीफे का एलान करना सभी जानते हैं, लेकिन इतना कुछ होने के बाद भी रेवंत रेड्डी कहीं नजर नहीं आए। टीडीपी छोड़कर कांग्रेस में शामिल हुए रेवंत रेड्डी खुद को बजट सत्र से दूर रखे हुए हैं। इस्तीफा अभी स्वीकार नहीं होने के बावजूद उन्होंने सदन में नहीं जाने का फैसला किया है।